कानपुर, जागरण संवाददाता। धान बेचने के लिए अब किसानों को पंजीयन कराने को भटकना नहीं पड़ेगा। किसानों का पंजीयन अब उनके कोटेदार को ही करना होगा, उसके बाद वे क्रय केंद्र में अपना धान बेच सकेंगे। एक नवंबर से धान खरीद शुरू होने वाली है।

खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त ने जिलाधिकारियों व जिलापूर्ति अधिकारियों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। पंजीकरण कराने के लिए किसानों का आधार में दर्ज मोबाइल नंबर का अपडेट होना जरूरी है क्योंकि पंजीकरण के समय उसी मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आएगा। किसानों को धान बेचने के लिए पंजीकरण कराने को जनसुविधा केंद्र पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। नई व्यवस्था के तहत कोटेदार किसानों का आनलाइन पंजीकरण करेंगे। पंजीकरण के बाद निर्धारित तिथि पर वे खरीद केंद्र पर धान बेचने के लिए जाएंगे। कोटेदार किसानों का पंजीकरण स्मार्ट मोबाइल, लैपटाप के साथ ई-पास मशीन से भी करेंगे। पंजीकरण के लिए ई-पास मशीन में साफ्टवेयर भी अपलोड किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 682 कोटेदार इस काम को अंजाम देंगे।

14 किसानों का हुआ आनलाइन पंजीकरण : कोटेदारों के माध्यम से अब तक 14 किसानों का आनलाइन पंजीकरण किया गया है। जिलापूर्ति अधिकारी ने कोटेदारों को किसानों का पंजीकरण करने के लिए निर्देश दिए हैं।

-आयुक्त खाद्य एवं रसद ने धान बेचने वाले किसानों का पंजीकरण कोटेदारों से कराने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। कोटेदार स्मार्ट मोबाइल, लैपटाप व ई-पास मशीन से भी पंजीकरण कर सकते हैं। -अखिलेश कुमार श्रीवास्तव, जिलापूर्ति अधिकारी

मोबाइल नंबर अपडेट करने को लगेंगे शिविर : किसानों को धान विक्रय केंद्र पर पंजीयन प्रपत्र के साथ आधार कार्ड, उसमें पंजीकृत मोबाइल नंबर व खतौनी की छायाप्रति साथ लानी होगी। मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए धान क्रय केंद्रों पर शिविर लगाए जाएंगे।

Edited By: Abhishek Agnihotri