जागरण संवाददाता, कानपुर : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) के छात्रों ने छोटी मानवरहित पनडुब्बी बनाई है। उससे पानी के अंदर किसी भी वस्तु को आसानी से खोजा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर टॉरपीडो से हमला करने में भी सक्षम है। यह दुश्मनों और आतंकियों की निगरानी करने में मददगार साबित होगी। छात्रों ने टेककृति में इसके एक मॉडल 'वरुण' को प्रदर्शनी में रखा है। एडवांस मॉडल 'हाइपरईयॉन' संस्थान की प्रयोगशाला में है। उसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओसन टेक्नोलॉजी (एनआइओटी) के मुकाबले में उतारा जाएगा। उसे पेटेंट कराने की प्रक्रिया चल रही है। एक नामी कंपनी पनडुब्बी का प्रयोजन कराने को तैयार है।

साल भर की मेहनत रंग लाई

मैकेनिकल इंजीनिय¨रग विभाग के प्रो. मंगल कोठारी के नेतृत्व में प्रथम वर्ष की मेधा अग्रवाल, प्रियम प्रसाद, राहुल पास्ते, वंदित सानिध्य ने साल भर पहले मॉडल तैयार किया। इसमें उन्होंने सीनियर का भी सहयोग लिया। 'वरुण' का परीक्षण किया। छात्रों के मुताबिक इसे ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (एयूवी) कहा जाता है। 'वरुण' के निर्माण में 8-10 लाख का खर्चा आया है, जबकि 'हाइपरईयॉन' में 25 लाख रुपये लगे हैं।

लैपटॉप में देगा संदेश

छात्रों के अनुसार एयूवी का आकार काफी छोटा रहता है। बैटरी बैकअप होता है। वरुण में छह पंखे लगे हैं, जबकि 'हाइपरईयॉन' में आठ फैन हैं। यह पानी में तैर भी सकता है। किसी भी स्थिति में डूबेगा नहीं। उपकरण में मार्कर ड्रॉपर व ग्रैबर भी लगे हुए हैं। कार्कर ड्रॉपर से किसी भी वस्तु पर सटीक निगरानी हो सकती है। गैबर से किसी भी वस्तु को उठाया जा सकता है। इस डिवाइस से कोई भी संदेश लैपटाप पर देखा जा सकता है।

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