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एंटी-माइक्रोबियल वायु शोधन तकनीक से नष्ट होगा कोरोना वायरस, कानपुर और बाम्बे आइआइटी की तकनीक को मान्यता

आइआइटी बाम्बे व कानपुर आइआइटी में विकसित की गई तकनीक को सीएसआइआर इमटेक ने मान्यता दे दी है। अब यह तकनीक कोरोना वायरस के संक्रमण को एक मिनट में निष्क्रिय करने में सक्षम होगी। इससे विषाणुओं को भी नष्ट किया जा सकेगा।

By Abhishek VermaEdited By: Published: Wed, 27 Jul 2022 10:57 AM (IST)Updated: Wed, 27 Jul 2022 10:57 AM (IST)
एंटी-माइक्रोबियल वायु शोधन तकनीक से नष्ट होगा कोरोना वायरस, कानपुर और बाम्बे आइआइटी की तकनीक को मान्यता
आइआइटी बाम्बे व कानपुर आइआइटी में विकसित की गई तकनीक को सीएसआइआर इमटेक ने दी मान्यता।

कानपुर, जागरण संवाददाता। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) कानपुर और आइआइटी बाम्बे में विकसित उन्नत एंटी-माइक्रोबियल वायु शोधन तकनीक को वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआइआर)-सूक्ष्मजीव प्रोद्यौगिकी संस्थान (इमटेक) ने मान्यता दी है। यह तकनीक कोरोना वायरस के संक्रमण को एक मिनट में निष्क्रिय करने में सक्षम होगी। इससे न केवल हवा शुद्ध होगी, बल्कि विषाणुओं को भी नष्ट हो जाएंगे। स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआइआइसी), आइआइटी कानपुर में इनक्यूबेट किए गए स्टार्टअप एअर्थ (एआइआरटीएच) द्वारा विकसित यह नई तकनीक प्रभावी साबित होगी।

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विकसित तकनीक वायु प्रदूषकों और कोरोना वायरस पर अंकुश लगाने में एक नवाचार है। इसको एंटी-माइक्रोबियल एयर प्यूरीफिकेशन टेक्नोलाजी नाम दिया गया है। लैब में परीक्षण के बाद इस तकनीक को सफल माना गया। एआइआरटीएच के सीईओ और संस्थापक रवि कौशिक ने बताया, जब वो आइआइटी बाम्बे में पर्यावरण इंजीनियरिंग में परास्नातक कर रहे थे। तब उन्हें एआइआरटीएच के नवाचार का आइडिया आया। स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के प्रोफेसर इंचार्ज अमिताभ बंद्योपाध्याय के मार्गदर्शन में नवाचार को सफल बनाया गया। उन्होंने बताया, एआइआरटीएच एंटी माइक्रोबियल एयर प्यूरीफायर पहले से ही अस्पतालों में उपयोग किया जा रहा है, जो प्रतिरक्षा में अक्षम (इम्यूनो-काम्प्रोमाइज्ड) कैंसर रोगियों का बचाव करते हैं। नई तकनीक आत्मनिर्भर भारत और मेड इन इंडिया की ओर बड़ी पहल है।

इस तरह काम करेगी तकनीक

एआइआरटीएच तकनीक बाजार के अन्य एयर प्यूरीफायर से अलग है। मौजूदा समय में बाजार में उपलब्ध एयर प्यूरीफायर कणों को पकड़ने के सिस्टम पर काम करते हैं। वहीं, एआइआरटीएच की नई तकनीक फिल्टर, यूवी विकिरण और ओएच (हाइड्राक्सिल) रेडिकल्स पर प्लांट बेस्ड कोटिंग के कारण कीटाणु निष्क्रिय करने व डी-सी-डी (डीएक्टिवेट-कैप्चर-डिएक्टिवेट) तंत्र पर काम करती है। इसमें पारंपरिक यूवी-आधारित एयर प्यूरीफायर की तुलना में आठ हजार गुणा बेहतर कीटाणु शोधन दक्षता हो सकती है। नई तकनीक हवा जनित रोगजनकों और वायरस को इनफ्लाइट निष्क्रियता के माध्यम से निष्क्रिय कर देती है।


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