संवाद सहयोगी, महाराजपुर (कानपुर) : सरसौल में बीते बुधवार को मकान में तेज धमाके में हुई दो लोगों की मौत के बाद भी पुलिस ढिलाई बरतती रही। नतीजतन, शुक्रवार दोपहर फिर एक खाली प्लाट में धमाका हो गया। बारूद की तेज गंध व धुएं का गुबार छा गया। यहां भी अवैध पटाखा का भंडारण था। जबकि पुलिस लगातार सर्च अभियान की दलील दे रही है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) के साथ छानबीन की। पुलिस को प्लाट से दो बोरों में पटाखे मिले हैं। पुलिस एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

सरसौल कस्बे में कमालपुर रोड पर रमेश कोरी के खाली प्लाट में शुक्रवार सुबह तेज धमाका होने से गांव में दहशत फैल गई। जबरदस्त धमाके से आसपास के लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर खड़े हो गए। प्लाट से उठता धुआं व बारूद की गंध आने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। गेट का ताला तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस को ईट के चंट्टे पर बारूद के विस्फोट के निशान मिले। वहां दो बोरों में रखे दैमार, देसी बम व अन्य पटाखे बरामद हुए। बम निरोधक दस्ते ने बारूद के नमूने लिये। लोगों ने पुलिस को बताया कि रमेश कोरी के प्लाट की देखरेख बगल में रहने वाले सत्यप्रकाश ¨सह करते हैं। उनके बेटे दुर्गेश व छोटू चाबी रखते हैं और प्लाट पर आते रहते हैं। पुलिस फिलहाल सत्यप्रकाश से पूछताछ कर रही है। साथ ही घर के साथ उनकी दुकान में छानबीन की। ग्रामीणों ने गांव में कई जगह अवैध पटाखा भंडारण होने के पीछे पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगा हंगामा किया। एसओ महाराजपुर समर बहादुर यादव ने बताया कि जांच में सत्यप्रकाश के बेटे दुर्गेश व शकील के बेटे आमिर का नाम सामने आया है। दोनों की तलाश की जा रही है। इनके पकड़ में आने के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।

प्लाट में रुके थे आरोपी

प्लाट में पुलिस को शराब की खाली बोतल, गिलास व कई बर्तन मिले। अंदाजा लगाया जा रहा कि बुधवार को बाबू ¨सह के मकान में धमाके में नामजद आरोपी यहां छिपे रहे होंगे। लोगों ने दबी जुबान में बताया कि मुख्य आरोपी मैराज की मां चंदा को लोगों ने प्लाट के पास देखा था, जिसके हाथ में दो झोले थे।

Posted By: Jagran

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