जागरण संवाददाता, कानपुर : रेलबाजार में ग्यारहवीं के छात्र पर फर्जी हत्या के प्रयास का मुकदमा लिखने पर एसएसआइ को निलंबित कर दिया गया है। छात्र के पिता ने एडीजी जोन अविनाश चन्द्र से मामले की शिकायत कर शातिरों से मिलीभगत कर मुकदमा लिखने का आरोप लगाया था। इसके बाद जांच में एसएसआई दोषी पाए गए।

मीरपुर में सरोज गुप्ता के मकान में टिल्लू किराए पर दुकान चलाते हैं। दुकान पर इलाकाई कुणाल यादव, बृजेन्द्र राजेन्द्र व गबरु के साथ अन्य लोगों ने कब्जा कर लिया था। इन लोगों पर कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं और कुणाल जिलाबदर भी रह चुका है। सरोज कब्जा करने का विरोध कर रहीं थी। 17 अगस्त को वह विद्यालय संचालक सुनहरी लाल के घर पर बैठी थी। उसी समय शातिर युवक आये और उनका गेट तोडऩे के साथ हवाई फायरिंग की।

सुनहरी लाल ने किसी तरह सरोज को वहां से निकाला। इसके बाद वह थाने गए तो एसएसआई ने उन्हे ही थाने में बिठा लिया। थाने से छोड़े जाने पर वह गांव हाथरस चले गए। तीन दिन बाद उनके 11वीं में पढऩे वाले बेटे के खिलाफ घर के बाहर फायरिंग करने व जानलेवा हमला करने की तहरीर कुणाल की मां ने थाने में दी। इसपर एसएसआई ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया।

फर्जी मुकदमा दर्ज किए जाने की शिकायत उन्होंने एडीजी से की थी। इसकी जांच चल रही थी और एसएसआई पर आरोपितों से मिलीभगत की पुष्टि हुई। इसपर एसएसपी अनंत देव ने एसएसआइ अब्दुल कलाम को निलंबित कर दिया है। 

Posted By: Abhishek