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कंपनी फेल, गंगा में गिर रहा सीसामऊ नाला

सीसामऊ नाला लगातार गंगा के आंचल को मैला कर रहा है। बुधवार को भी करोड़ों लीटर दूषित पानी गंगा में गिर गया। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार सीसामऊ नाला गंगा को दूषित कर रहा है। यह हाल तब है जबकि इसकी निगरानी करने वाली कंपनी को नोटिस भेजने के साथ ही जुर्माना तक लगाया जा चुका है। गौरतलब है कि साढ़े 14 अरब रुपये गंगा को शुद्ध करने में खर्च हो चुके हैं लेकिन अभी भी कई नाले इसको दूषित कर रहे हैं। रोज तीन करोड़ लीटर से ज्यादा गंदा पानी गंगा में जाकर मिल रहा है।

By JagranEdited By: Published: Thu, 24 Mar 2022 02:10 AM (IST)Updated: Thu, 24 Mar 2022 02:25 AM (IST)
कंपनी फेल, गंगा में गिर रहा सीसामऊ नाला
कंपनी फेल, गंगा में गिर रहा सीसामऊ नाला

जागरण संवाददाता, कानपुर: सीसामऊ नाला लगातार गंगा के आंचल को मैला कर रहा है। बुधवार को भी करोड़ों लीटर दूषित पानी गंगा में गिर गया। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार सीसामऊ नाला गंगा को दूषित कर रहा है। यह हाल तब है जबकि इसकी निगरानी करने वाली कंपनी को नोटिस भेजने के साथ ही जुर्माना तक लगाया जा चुका है। गौरतलब है कि साढ़े 14 अरब रुपये गंगा को शुद्ध करने में खर्च हो चुके हैं लेकिन अभी भी कई नाले इसको दूषित कर रहे हैं। रोज तीन करोड़ लीटर से ज्यादा गंदा पानी गंगा में जाकर मिल रहा है।

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गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए वर्ष 2018 में 63 करोड़ रुपये की लागत से सीसामऊ, परमट, नवाबगंज, म्योर मिल, डबका और गुप्तार घाट नाले को बंद किया गया था। 28 करोड़ रुपये अकेले सीसामऊ नाले को बंद करने पर खर्च हुए थे। गंगा में गिरने वाले 14 करोड़ लीटर दूषित पानी को रोकने के लिए दो जगह यह नाला टेप किया गया था। एशिया के सबसे बड़े इस नाले को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 दिसंबर 2019 को स्टीमर से देखा था। जल निगम के अफसरों ने वाहवाही लूटी थी। हालांकि, अब निगरानी बंद हो चुकी है। क्षेत्रीय पार्षद मनोज पांडेय ने बताया कि पिछले चार दिन से लगातार नाले का दूषित पानी गंगा में गिर रहा है। नोटिस और जुर्माने का भी नहीं हुआ असर

गंगा में सीवर गिरने से न रोक पाने पर स्टेट मिशन फार क्लीन गंगा (एसएमसीजी) ने अदालत में परिवाद दाखिल कर रखा है। 1550 करोड़ रुपये में प्लांट के रखरखाव व संचालन की जिम्मेदारी 2019 में शापोरजी पालोनजी कंपनी को दी गई थी। दो माह से लगातार नालों और एसटीपी से ओवर फ्लो होकर सीवरेज गंगा में जाने के चलते जल निगम ने नोटिस भी दी लेकिन कोई असर नहीं हुआ। इस बाबत प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक करोड़ और जल निगम ने 1.27 करोड़ रुपये जुर्माना भी लगाया है। दैनिक जागरण में सीसामऊ नाला गिरने की खबर छपने के बाद जल निगम के परियोजना प्रबंधक ज्ञानेंद्र चौधरी ने निरीक्षण करके कंपनी को नोटिस भी दी है। इस दौरान नाला बंद कर दिया गया था। यह भी नाले गिर रहे

रानी घाट, परमट, गोलाघाट, सत्ती चौरा, परमियापुरवा नाले से भी गंदा पानी गंगा में मिल रहा है। टेनरी का भी दूषित पानी गंगा में जा रहा है। जिम्मेदार बोले

कंपनी को नोटिस दिया गया है और जुर्माना भी लगाया है। स्टेट मिशन फार क्लीन गंगा को रिपोर्ट भेजी गई है। शासन को भी अवगत कराया गया है। फिर से पत्र भेजा जाएगा।

- आरके शर्मा, मुख्य अभियंता जल निगम


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