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KESCO में बड़ा घोटाला, 854.56 क्विंटल बिजली उपकरण के स्क्रैप में 1.52 करोड़ की घपलेबाजी

Published: Fri, 14 Aug 2026 02:59 PM (IST)

केस्को में 1.52 करोड़ रुपये का स्क्रैप घोटाला उजागर हुआ है, जिसमें 854.56 क्विंटल बिजली उपकरण के स्क्रैप की बिक्री ...और पढ़ें

शास्त्रीनगर पुलिस चौकी पर स्क्रैप लोड खड़ी ट्रक व नेहा जैन एमडी केस्को। जागरण

शास्त्रीनगर पुलिस चौकी पर स्क्रैप लोड खड़ी ट्रक व नेहा जैन एमडी केस्को। जागरण

HighLights

  1. केस्को में 1.52 करोड़ रुपये का स्क्रैप घोटाला सामने आया।

  2. एक्सईएन-जेई पर 854.56 क्विंटल स्क्रैप बिक्री में गड़बड़ी का आरोप।

  3. मामले में पुलिस शिकायत और विभागीय जांच दोनों जारी।

निर्मल पांडेय, कानपुर। केस्को में पीडी (स्थायी रूप से कनेक्शन काटना) के नाम पर हुआ करोड़ों रुपये का मामला अभी निस्तारित नहीं हो पाया कि यहां 1.52 करोड़ रुपये के स्क्रैप घोटाले का जिन्न भी बाहर आ गया है। स्टोर के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) श्रीकांत रंगीला और अवर अभियंता (जेई) मुन्ना ने मिलकर 854.56 क्विंटल बिजली उपकरण के स्क्रैप बिक्री में गड़बड़ी की है। ये खेल आपस में फूट पड़ने पर खुलने की बात कही जा रही है।

बिहार-गुजरात की फर्मों से स्क्रैप बेचने के बाद निर्धारित मात्रा से कई गुणा अधिक माल पार करा दिया गया। ट्रकों से कई राउंड माल उठने के बाद प्रकरण सार्वजनिक हुआ तो कार्रवाई से बचने का रास्ता खोजने वाले एक्सईएन-जेई ने आखिरी राउंड में सतर्कता का दिखावा किया। लोहे के पोल का स्क्रैप लेकर गुजरात जा रहे ट्रक का शास्त्रीनगर में टायर फट गया तो मामला खुला, जबकि बिहार जा रहे दूसरे ट्रक का पीछाकर शुक्लागंज में पकड़ा गया।

थाने में बंद कराया, फिर छुड़ाकर उसे स्टोर ले आए और आठ दिनों तक खड़ा रखा। बाद में माहौल शांत देख उस ट्रक को माल समेत बिना कार्रवाई के बिहार रवाना करा दिया। मामले में 21 जुलाई को जेई रमेश ने एक्सईएन व जेई के विरुद्ध ग्वालटोली थाने में तहरीर दी थी। जेई ने बताया कि अभी तक पुलिस की तरफ से कार्रवाई शून्य है।

इन उपकरणों के स्क्रैप बिक्री में किया गया गोलमाल 

इलेक्ट्रिक वायर/सामग्री मात्रा (किग्रा) दर (रुपये/किग्रा) कीमत (रुपये)
डाग कंडक्टर 9,305 263 24,47,217
वीजल कंडक्टर 40,990 263 1,07,80,370
लोहे के पोल 35,161 57 20,04,177

नोट: उक्त दर प्रतिकिग्रा और कीमत रुपये में है।

ऐसे हुआ था खेल

  • गुजरात की कंपनी एमए ट्रेडर्स ने 35.161 टन लोहे के पोल स्क्रैप का टेंडर लिया था। ये ठेका 20.04 लाख में था। कंपनी के ट्रक ने पहले राउंड में सात टन, दूसरे राउंड में पांच टन और तीसरे चक्कर में 11 टन स्क्रैप उठाया था। चौथे और अखिरी चक्कर में 10 टन स्क्रैप उठाना था। ट्रक स्क्रैप लोडकर शास्त्रीनगर में पीडी धर्मकांटे पर पहुंचा, माल का वजन कराकर जैसे ही आगे बढ़ा उसका टायर फट गया था। सूचना पर जेई रमेश भी मौके पर पहुंचे थे। धर्मकांटे की पर्ची देखी तो वह दंग रह गए, उसमें 10 के बजाय 22 टन स्क्रैप अंकित था। काकादेव थाने की शास्त्रीनगर पुलिस चौकी पर खड़ा कराया है।
  • बिहार की कंपनी एमएस मेटालिका फैब्रिकेशन प्राइवेट लिमिटेड ने 50.495 टन डाग-वीजल कंडक्टर के स्क्रैप का ठेका लिया था। कंपनी के ट्रक तीन राउंड में स्क्रैप लोडकर निकल गए थे। चौथे राउंड में स्क्रैप लेकर जा रहे ट्रक के मामले में स्टोर के कुछ अधिकारियों की आपत्ति पर उसका एक्सईएन ने पीछा किया तो देखा गया कि चालक ने जरीब चौकी के पास धर्मकांटे पर माल वजन कराया और फिर गोल चौराहा से सीधे वीआइपी रोड पर न जाकर ट्रक एलएलआर अस्पताल की ओर मोड़कर चुन्नीगंज होते हुए शुक्लागंज निकल गया। पीछा कर रहे अधिकारियों ने उसे शुक्लागंज में पकड़ा। ट्रक केस्को के स्टोर परिसर में लाकर खड़ा कराया गया, जिसे आठ दिनों बाद बिना कार्रवाई के बिहार जाने दिया गया। इस ट्रक में छह टन के बजाय 11.50 टन स्क्रैप पाया गया था।

 

 

स्क्रैप मामले में विभागीय जांच की जा रही है। आरोपित अधिकारियों को स्टोर से हटाया गया है। जांच पूर्ण होने पर जिस तरह के तथ्य सामने आएंगे, उसी क्रम में कार्रवाई होगी। आरोपी एक्सईएन-जेई के विरुद्ध तहरीर दिए जाने की बात मेरे संज्ञान में नहीं है।
-नेहा जैन, एमडी-केस्को