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Kanpur-Lucknow Road Update: कानपुर-लखनऊ का सफर होगा आसान, 31 अक्टूबर तक तैयार होगा सरैया ROB

Published: Fri, 16 Oct 2026 04:54 PM (IST)

कानपुर-उन्नाव-लखनऊ के बीच आवागमन को सुगम बनाने वाला सरैया रेलवे ओवरब्रिज 31 अक्टूबर तक यातायात के लिए तैयार हो जाएगा। ...और पढ़ें

सरैया क्रासिंग पर होता आरओबी का काम । जागरण

सरैया क्रासिंग पर होता आरओबी का काम । जागरण 

HighLights

  1. सरैया आरओबी का निर्माण अंतिम चरण में, शनिवार से शुरू होगा डामरीकरण

  2. 150 करोड़ का सरैया आरओबी में बजट हुआ खर्च,जाजमऊ गंगा पुल बंद करने की तैयारी

जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर-उन्नाव और लखनऊ के बीच आवागमन को सुगम बनाने वाला बहुप्रतीक्षित सरैया रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) अब जल्द ही यातायात के लिए तैयार हो जाएगा। रेलवे ने पुल के ऊपर 24 गर्डर रखने का काम पूरा कर लिया है।

इसके साथ ही सेतु निगम ने भी सड़क निर्माण का कार्य शनिवार से शुरू होगा। सेतु निगम के अधिकारियों ने उन्नाव जिला प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) को पत्र भेजकर 30 अक्टूबर तक का समय मांगा है। अधिकारियों के अनुसार 31 अक्टूबर तक पुल तैयार हो जाएगा। इसके बाद प्रशासन आवागमन शुरू कराने का निर्णय ले सकता है।

करीब चार वर्षों से निर्माणाधीन इस आरओबी के चालू होने से कानपुर-लखनऊ मार्ग पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।

ट्रांसगंगा सिटी में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने के साथ इस पुल की उपयोगिता और बढ़ जाएगी। सरैया आरओबी की लंबाई करीब 1129 मीटर है और इसकी लागत 150 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। पुल के निर्माण के लिए सेतु निगम ने 26 पिलर बनाए हैं।

इन पर स्लैब और सुपर स्ट्रक्चर का काम पूरा करने के बाद अब सड़क की अंतिम परत बिछाई जा रही है। रेलवे लाइन के ऊपर करीब 130 मीटर हिस्से में 24 विशाल गर्डर स्थापित किए गए हैं।

सरैया आरओबी के निर्माण की योजना वर्ष 2016 में तैयार की गई थी। उस समय 785 मीटर लंबे पुल के निर्माण पर करीब 78 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। वर्ष 2020 में परियोजना को मंजूरी मिली और निर्माण कार्य शुरू हुआ।

मूल योजना के अनुसार, जून 2023 तक पुल तैयार होना था, लेकिन यातायात दबाव का अध्ययन करने के बाद इसे मरहला चौराहे के आगे तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। इससे पुल की लंबाई करीब 350 मीटर बढ़कर 1129 मीटर हो गई और लागत भी 150 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई।

डिजाइन में बदलाव, बजट स्वीकृति और निर्माण की जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण के कारण काम में देरी हुई। सितंबर 2024 में संशोधित योजना के तहत दोबारा निर्माण शुरू हुआ। इसके बाद अप्रैल 2025 में सेतु निगम मुख्यालय ने अधूरे काम को तेजी से पूरा कराने के लिए करीब 40 करोड़ रुपये का शेष कार्य साईं डेवलपर्स एंड कंस्ट्रक्शन को सौंपा। इसके बाद अधूरे पड़े 10 पिलरों का निर्माण पूरा कराया गया।


जाजमऊ पुल की मरम्मत का रास्ता भी होगा साफ

सरैया आरओबी के चालू होने से जाजमऊ गंगा पुल की प्रस्तावित मरम्मत को भी गति मिल सकती है। जाजमऊ पुल पर बड़े स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करने के लिए यातायात का वैकल्पिक मार्ग जरूरी है। सरैया आरओबी चालू होने के बाद इस मार्ग का इस्तेमाल डायवर्जन के लिए किया जा सकेगा। फिलहाल वैकल्पिक मार्ग को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से मरम्मत के लिए यातायात डायवर्जन तय करने में भी दिक्कत आ रही है।


ट्रांसगंगा सिटी के लिए भी महत्वपूर्ण

उन्नाव जिले में 1144.13 एकड़ में विकसित हो रही ट्रांसगंगा सिटी के लिए भी यह पुल महत्वपूर्ण है। यहां औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ने के साथ मालवाहक वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। आरओबी शुरू होने से ट्रांसगंगा सिटी, कानपुर और लखनऊ के बीच संपर्क बेहतर होगा। दिल्ली, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, कन्नौज और मंधना की ओर से लखनऊ जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।


रेलवे का काम पूरा हो गया है। शनिवार से अप्रोच रोड पर डामरीकरण शुरू कराया जाएगा। 31 अक्टूबर तक पुल आवागमन के लिए तैयार हो जाएगा। इसके बाद प्रशासन यातायात शुरू कराने का निर्णय ले सकता है।
एसके सुमन, उप-परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम


सेतु निगम ने 31 अक्टूबर तक पुल पर काम खत्म होने की जानकारी दी है। इसके बाद जाजमऊ गंगा पुल पर लखनऊ-कानपुर लेन पर यातायात पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया जाएगा।
पंकज यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ