कानपुर, जागरण संवाददाता। पं. दीनदयाल उपाध्याय इंटर कालेज में गुरुवार से शुरू हो रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वर संगम घोष शिविर में आधुनिक के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्र भी नजर आएंगे। साथ ही वे वाद्य यंत्र भी दिखेंगे जो अब चलन में नहीं हैं। वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश नाट्य अकादमी के अध्यक्ष राजेश्वर आचार्य करेंगे। यह प्रदर्शनी सात व आठ अक्टूबर को आम जनता के लिए खुली रहेगी।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय में होने वाले इस आयोजन की तैयारियां प्रांतीय पदाधिकारियों की देखरेख में पूरी हुई हैं। प्रांत प्रचार प्रमुख डा. अनुपम के मुताबिक इस शिविर में सर संघचालक मोहन भागवत रहेंगे। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी शिविर में आ चुके हैं। संघ के अखिल भारतीय सह शारीरिक प्रमुख जगदीश तथा अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक पूरे समय शिविर में उपस्थित रहेंगे। प्रांत प्रचारक श्रीराम, सह प्रांत कार्यवाह भवानी भीख की देखरेख में तैयारियां की गई हैं।

प्रदर्शनी के प्रमुख अजीत अग्रवाल के वाद्य यंत्रों के संबंध में बताया कि नाट्य शास्त्र में तंतु वाद्य, सुषिर वाद्य, चर्मज वाद्य, घन वाद्य रहते हैं। प्रर्दशनी में चारों वाद्य यंत्र का प्रर्दशन होगा। इसके अलावा पारंपरिक वाद्य यंत्र में पखावज, बांसुरी, ढोलक, तबला, सितार, तानपुरा, शहनाई रहेंगी।

आधुनिक वाद्य यंत्र में गिटार, सैक्सोफोन, इलेक्ट्रानिक की-बोर्ड, ट्म्पेट, कोगा का प्रदर्शन होगा। शिविर में वे वाद्य यंत्रों जो अब चलन में नहीं हैं जैसे मेन्डोलियन, पैर से हवा देकर बजाया जाने वाला हारमोनियम भी होंगे। संघ के कार्यक्रमों में प्रयोग होने वाले नागांग, तूर्य, प्रणव, वेण, आनक वाद्य यंत्र भी शिविर में रहेंगे।

Edited By: Abhishek Agnihotri

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