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Rishabh Murder: कराेड़ों के मालिक की हत्या से पहले पत्नी ने कहा था- तुमसे नहीं तुम्हारी जायदाद से की है शादी

Rishabh Murder Case पुलिस का दावा है कि मोबाइल सर्विलांस और मोबाइल चैट के माध्यम से इस केस का पर्दाफाश हुआ। करोड़ों के मालिक ऋषभ की पत्नी सपना उसकी हत्या को हादसा साबित कर संपत्ति को हड़पना चाहती थी।

By Jagran NewsEdited By: Shivam YadavPublished: Sat, 10 Dec 2022 09:01 PM (IST)Updated: Sat, 10 Dec 2022 09:01 PM (IST)
ओवरडोज से ऋषभ के फेफड़े व लीवर खराब हो गये, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।

कानपुर, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश के कानपुर का बहुचर्चित ऋषभ हत्याकांड इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। करोड़ों के मालिक ऋषभ की पत्नी सपना उसकी हत्या को हादसा साबित कर संपत्ति को हड़पना चाहती थी। इस षडयंत्र में उसका प्रेमी राज कपूर भी शामिल था, दोनों ने मिलकर ही ऋषभ की हत्या करने के लिए सुपारी दी थी, जब ऐसे बात नहीं बनी तो सपना ने खुद ही जहरीली दवा देकर उसे मौत के घाट उतार दिया। 

यह खुलासा पुलिस ने सपना से सख्ती से की गई पूछताछ में किया है। पुलिस का दावा है कि मोबाइल सर्विलांस और मोबाइल चैट के माध्यम से इस केस का पर्दाफाश हुआ। चारों आरोपितों को शनिवार अदालत में पेश किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, ऋषभ की चकेरी के भाभानगर में ग्लास की दुकान थी। उसकी शादी वर्ष 2020 में पतारा जगदीशपुर निवासी सपना पांडेय से हुई थी। माता-पिता की मौत के बाद वह घर में पत्नी के साथ अकेले ही रहता था। 

चूक गए थे सुपारी किलर

27 नवंबर को ऋषभ पुरानी शिवली रोड निवासी अपने मित्र मनीष के साथ स्कूटी से पंचायत घर चकरपुर गांव में शादी समारोह में शामिल होने आया था। शादी समारोह के बाद जब वापस जा रहे थे तो स्कूटी पंचर मिली। मनीष स्कूटी को पैदल खींचते हुए हाइवे की तरफ जा रहे थे। इसी बीच चकरपुर मंडी के पास शिवा होटल के आगे सर्विस रोड पर मोटर साइिकल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने पीछे से धारदार हथियार से ऋषभ के सिर व कंधे पर हमला किया और भाग गये। 

इस मामले में सपना ने पड़ोसी रामकृष्ण विश्वकर्मा के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया और हमले के पीछे संपत्ति विवाद को प्रमुख कारण बताया। इधर ऋषभ स्वस्थ होकर घर आ गया, मगर तीन दिसंबर को अचानक उसकी तबियत बिगड़ी, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। 

मौत के छह दिन बाद सनसनीखेज पर्दाफाश

ऋषभ की मौत के छह दिनों बाद पुलिस ने इस केस का पर्दाफाश किया। डीसीपी पश्चिम विजय ढुल ने बताया कि सपना का राजकपूर गुप्ता से शादी पूर्व प्रेम संबंध थे। यह प्रेम प्रसंग वर्ष 2016 से चल रहे थे। दोनों पतारा में एक साथ डिग्री कालेज में पढ़ते थे। सपना का दावा है कि पति द्वारा मारे पीटे जाने की वजह से वह शादी के बाद राजकुमार के संपर्क में आ गई। इसके बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और तभी ऋषभ को बीच रास्त से हटाने की योजना बनी। 

पुलिस ने हत्या के आरोप में सपना, राजकपूर के अलावा राजकपूर का कर्मचारी रायपुर निवासी सतेंद्र और ऋषभ के घर के पड़ोस में मेडिकल स्टोर चलाने वाले कल्याणपुर खुर्द निवासी सुरेंद्र सिंह यादव को गिरफ्तार किया है। 

ऐसे बनी योजना

डीसीपी पश्चिम विजय ढुल ने बताया कि सपना ने राजकपूर गुप्ता को अपने पति को जान से मारने के लिये तीन लाख रूपये की सुपारी दी थी। राजकपूर गुप्ता ने अपने सहयोगी सतेन्द्र विश्वकर्मा को लालच देकर अपने साथ मिला लिया। ऋषभ मूलरूप से लखनऊ का रहने वाला था और आए दिन लखनऊ जाता था। इसलिए पिछले छह महीने से दोनों लखनऊ से लौटते समय रात को उसकी हत्या की योजना बना रहे थे, मगर कभी उसे ट्रैक नहीं कर सके। इसी बीच सपना को चकरपुर में आयोजित शादी का कार्ड मिला और जानकारी मिली कि ऋषभ वहां जाएगा। 

सपना ने वाट्सएप वायस काल से राजकपूर गुप्ता को यह सूचना दी। राजकपूर अपने साथी सतेन्द्र विश्वकर्मा के साथ अपाचे मोटर साइकिल से शादी समारोह में पहुंचा और सूजे की मदद से उसकी स्कूटी पंचर कर दी। पुलिस को शक तब हुआ जब हमले की नामजद एफआइआर पर पुलिस ने जांच शुरू की तो सपना का प्रेम प्रसंग सामने आया। इसी बीच ऋषभ की मौत हो गई। 

मेडिकल स्टोर संचालक से भी थे संबंध

तबियत सही होने के बाद मौत की बात पुलिस के गले नहीं उतरी तो जांच शुरू की और सामने आया कि सपना के अवैध संबंध घर के पास स्थित आशा मेडिकल स्टोर के मालिक सुरेन्द्र सिंह यादव से भी थे। उसने उसे भी अपनी योजना में शमिल कर लिया और ऐसी दवाएं देने को कहा, जिससे उसके मल्टी आर्गन फेल हो जाएं। गलत दवाओं के ओवरडोज से ऋषभ के फेफड़े व लीवर खराब हो गये, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।

दवाओं की ओवरडोज देकर ससुर को भी मार डाला

डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में सपना ने स्वीकार किया है कि उसने दवाओं की ओवर डोज देकर पति की तरह ही छह महीने पहले अपने ससुर किशोर चंद्र त्रिपाठी की भी हत्या कर दी थी। किशोर पुलिस विभाग में लिपिक थे और उनकी पत्नी भी फूड इंस्पेक्टर थीं। 

पुलिस के मुताबिक ऋषभ की संपत्ति को लेकर भी जांच की जाएगी, क्योंकि सामने आया है कि वह अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति छोड़कर गया है। जांच की बिंदु यह भी है कि कहीं संपत्ति के लालच में तो ऋषभ की हत्या नहीं की गई।

पुलिस को नहीं मिला सीधा सबूत 

पुलिस को इस मामले में हत्या से जुड़ा कोई सबूत सीधे तौर पर नहीं मिला है। पुलिस ने सपना के प्रेम संबंध, अवैध संबंध और आरोपितों द्वारा दिए गए बयानों को ही सबूत के तौर पर शामिल किया है। डीसीपी ने बताया कि ऋषभ का पोस्टमार्टम हुआ था और बिसरा प्रिजर्व है। उसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। वहीं ससुर की हत्या से जुड़ा कोई सबूत पुलिस के पास नहीं है। इसमें भी पुलिस सपना के बयान को ही आधार बता रही है।

सपना ने खूब किया नाटक

पुलिस के मुताबिक, ऋषभ की हत्या का मामला पहले ही खुल जाता, मगर जिस तरह से उसकी मृत्यु के बाद सपना बार-बार बेहोश होने का नाटक कर रही थी, उससे पुलिस भी संशय में पड़ गई थी। तीन दिनों बाद वह सामान्य हुई तो उससे पूछताछ शुरू हुई।

तुमसे नहीं तुम्हारी जायजाद से की थी शादी

पड़ोसियों ने बताया कि ऋषभ के मोटे होने के चलते सपना उसे पसंद नहीं करती थी। दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। कुछ माह पहले मकान के छज्जे पर खड़े होकर सपना ने कहा था कि मेरी शादी तुमसे नहीं, तुम्हारी जायदाद से हुई है।

चोरी छिपे सपना से मिलने आता था राजू

ऋषभ की मौसी शांती मिश्रा ने बताया किसपना का प्रेमी राजू अक्सर चोरी-छिपे घर आता था। जनवरी 2022 में जरूरी काम के चलते रिषभ एक हफ्ते के लिए दिल्ली गया हुआ था। इस दौरान राजू रात को सपना के कमरे में ही रुकता था, जिसकी जानकारी पड़ोसी ने ऋषभ को दे दी थीं। जिसका विरोध करने पर सपना ने फांसी लगाने का नाटक किया था।

लखनऊ में प्लाट को बेचने के लिए बना रही थी दबाव

नया शिवली रोड स्थित तीन मंजिला मकान व लखनऊ के आउटर में स्थित निर्माणाधीन प्लाट में सपना नॉमिनी बनना चाहती थी। लेकिन रिषभ के इस ओर ध्यान न देने पर वह लखनऊ के प्लाट को बेचने के लिए दबाव बनाने लगी। मौसी शांती के मुताबिक, लगभग 70 लाख रुपए कीमत के पुश्तैनी गहनों को सपना ने शादी के बाद ही अपने कब्जे में ले लिया था, जो बैंक के लॉकर में मौजूद है।


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