कानुपर, जेएनएन। इंटरनेट मीडिया में केवल मुस्लिम धर्म से जुड़े डेफ (मूक बधिर) वीडियो की वजह से उपजी समस्या सामने आने के बाद पीडि़त आदित्य की मां लक्ष्मी गुप्ता ने आइएफडी की साजिश से लडऩे का फैसला किया है। उन्होंने फैसला किया है कि अब वह आइएफडी की तरह वीडियो तैयार करेंगी और बच्चों को मतांतरण का शिकार होने से बचाएंगी। वहीं आदित्य ने मंदिर जाकर नारियल फोड़ा और मत्थ टेककर अपनी श्रद्धा जताई है।

आदित्य के व्यवहार में तेजी से बदलाव

मतांतरण के बाद घर वापसी करने वाले आदित्य के व्यवहार में तेजी से बदलाव हो रहा है। लंबे समय बाद वह शनिवार को मंदिर गया और नारियल फोड़कर भगवान के सामने मत्था टेका। इसे देखते हुए अब आदित्य के घरवाले भी सुकून महसूस कर रहे हैं। मतांतरण गिरोह के चंगुल में फंसकर आदित्य गुप्ता अब्दुल्ला बन गया था। पिछले दिनों तक एटीएस ने मतांतरण गिरोह का पर्दाफाश किया और गिरफ्तारियां शुरू की तो आदित्य भी घर वापस आ गया।

एटीएस की एक विशेष टीम और उसके माता-पिता लगातार उसके व्यवहार में परिवर्तन लाने को उसकी काउंसिलिंग कर रहे हैं। आदित्य की मां लक्ष्मी गुप्ता ने बताया कि शनिवार को आदित्य उनके साथ शिव मंदिर गया। उसने बिना किसी संकोच के वहां मत्था टेका और भगवान के सामने नारियल फोड़ा। इसके पहले वह करीब डेढ़ साल से मंदिर नहीं जा रहा था। पूजा पाठ तक बंद की हुई थी।

आदित्य की मां ने लिया आइएफडी के खिलाफ मोर्चा

एटीएस की जांच में सामने आया कि इंटरनेट मीडिया पर आइएफडी यानी इस्लामिक फेडरेशन आफ डेफ द्वारा अपने धर्म का महिमामंडन और दूसरे धर्मों को गलत बताते हुए सैकड़ों वीडियो तैयार किए गए हैं। चूंकि मूक बधिर बच्चों के लिए केवल एकमात्र वही प्लेटफार्म था, इसलिए जो भी यहां गया फंसा। इस समस्या को आदित्य गुप्ता की मां लक्ष्मी गुप्ता ने समझा और फैसला किया कि इस कमी को वह पूरा करेंगी।

दैनिक जागरण के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि यह सच है कि इंटरनेट मीडिया पर मूक बधिर बच्चों के लिए हिंदू धर्म व अन्य विषयों पर कोई वीडियो नहीं है। उन्होंने फैसला लिया है कि वह ऐसे बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और मतांतरण से बचाव के लिए वीडियो तैयार करेंगी और इंटरनेट मीडिया में उन्हें वायरल करेंगी। ताकि और किसी मां को उनकी तरह समस्या का सामना न करना पड़े।

Edited By: Abhishek Agnihotri