Rani Lakshmibai Scooty Yojana: किन बेटियों को मिलेगी स्कूटी? उन्नाव की 875 और कानपुर नगर की 431 बेटियां चयनित
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में उन्नाव की 875 छात्राओं ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जबकि कानपुर देहात और कानपुर ...और पढ़ें

HighLights
सीएसजेएमयू से संबद्ध सात जिलों की 2,196 मेधावी छात्राओं को मिलेगा योजना का लाभ
कानपुर देहात 480 के साथ दूसरे और कानपुर नगर 431 छात्राओं के साथ तीसरे स्थान पर
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में उन्नाव की बेटियों का दबदबा, 875 छात्राएं चयनित
श्याम चंद्र सिंह, कानपुर। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की मेरिट सूची में उन्नाव की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) से संबद्ध सात जिलों की जारी सूची में स्नातक तृतीय वर्ष में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 2,196 छात्राओं का चयन मुफ्त स्कूटर के लिए किया गया है। इनमें अकेले उन्नाव की 875 छात्राएं हैं। 480 छात्राओं के चयन के साथ कानपुर देहात दूसरे और 431 छात्राओं के साथ कानपुर नगर तीसरे स्थान पर है।
इस चयन प्रक्रिया में उन्नाव जिले की बेटियों ने पूरे क्षेत्र में पहला स्थान हासिल किया है। उन्नाव से रिकार्ड 875 मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटर का लाभ मिलेगा, जो अन्य सभी जिलों की तुलना में सबसे अधिक है। सूची में दूसरे पायदान पर कानपुर देहात है, जहां की 480 मेधावी छात्राओं का चयन हुआ है।
कानपुर देहात के अवधेश सिंह महाविद्यालय और चंद्रभान सिंह डिग्री कालेज जैसे संस्थानों की 100-100 छात्राओं ने इस सूची में अपनी जगह बनाकर जिले का नाम रोशन किया है। वहीं, औद्योगिक और शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र माना जाने वाला कानपुर नगर 431 योग्य छात्राओं के साथ तीसरे स्थान पर है।
सूची में अन्य जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इटावा जिले की 194 छात्राओं ने स्कूटी योजना के लिए पात्रता हासिल कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। कन्नौज की 87 मेधावी छात्राएं इस योजना के तहत लाभान्वित होंगी, जबकि औरैया जिले से 65 छात्राओं का चयन मेरिट के आधार पर किया गया है। इस पूरी चयन सूची में फर्रुखाबाद जिला 64 चयनित छात्राओं के साथ सबसे निचले पायदान पर रहा।
क्या है रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना?
योगी सरकार की रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की होनहार बेटियों को उच्च शिक्षा की राह में आने वाली परिवहन संबंधी बाधाओं से मुक्ति दिलाना है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के विश्वविद्यालयों से संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को सरकार द्वारा मुफ्त स्कूटर प्रदान की जा रही है। पारदर्शी मेरिट प्रणाली के जरिए छात्राओं का चयन किया गया है।
कानपुर नगर के नामचीन कालेज पीछे
कानपुर शहर के नामचीन और अनुदानित (ऐडेड) कालेज कभी प्रवेश और शिक्षा का मुख्य केंद्र माने जाते थे, वे मेधावी छात्राओं की इस सूची में काफी पीछे छूट गए हैं। क्राइस्टचर्च, पीपीएन, डीएवी और वीएसएसडी जैसे बड़े कालेजों की बहुत कम छात्राएं मेरिट में जगह बना सकीं, जबकि उन्नाव के अब्दुल गफ्फार डिग्री कालेज (140 छात्राएं), निरंजन सिंह महाविद्यालय (150 छात्राएं) और कंचन देवी अखिलेश मिश्रा डिग्री कालेज (88 छात्राएं) जैसे कालेजों की छात्राओं ने बाजी मार ली।
