राजीव शुक्ला ने कानपुर की बदहाली पर जताई चिंता, बोले- सदन में उठाएंगे गड्ढों का मुद्दा
बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कानपुर को मसाला सिटी बताते हुए उद्योगों के पलायन और रोजगार की कमी पर चिंता ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। कभी कानपुर इंडस्ट्री का मैनचेस्टर कहा जाता था, पर अब इसकी चमक पहले जैसी नहीं रही। पहले और अब में जमीन आसमान का फर्क हो गया है।अब कानपुर को मसाला सिटी के नाम से जाना लगा है, पर वह उद्योग भी दिल्ली, दुबई चले जा रहें हैं।
रोजगार देने वाली मिलें एक के बाद एक अब बंद पड़ीं हैं, जहां से कभी हजारों परिवारों के घर चूल्हे जलते थे। कानपुर का व्यापार सिर्फ ट्रेड रह गया है। इसके लिए हम सब जिम्मेदार हैं, उसके लिए खुद को जिम्मेदार मानते हैं।
शहर की सड़कों पर बहुत गड्ढे हैं, ट्रैफिक जाम की बहुत समस्या है। उन्हें लैंडमार्क होटल से कैंट स्टेटस क्लब आने में करीब 45-50 मिनट का समय लग रहा है, अब देखो एयरपोर्ट जाने कितना समय लगेगा। जन समस्या को दूर करना सरकारों का काम है, आप लोगों ने मांग की है, तो उसे वह सदन में भी उठाएंगे। यह बातें बुधवार को शहर के कैंट स्थित स्टेटस क्लब में मर्चेंट्स चैंबर आफ उत्तर प्रदेश के आयोजित 94 वें अधिष्ठापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहीं।
इस दौरान उन्होंने संगठन के नवनियुक्त अध्यक्ष मयंक खन्ना को अध्यक्षीय बैच पहनाकर संगठन को बेहतरी से आगे ले जाने की शुभकामनाएं दीं। इस कार्यक्रम में संगठन की नवनियुक्त उपाध्यक्ष वर्षा सिंघानिया नहीं शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ की एक स्मृति भी साझा की।
बताया कि वह भी उद्योगों को बढ़ावा देने के पक्षधर थे। उनका मानना था कि सरकार सभी को रोजगार नहीं दे सकती। इसलिए युवाओं को रोजगार परक प्रशिक्षण देना चाहिए। वहीं, उद्योगों को सरकार से विशेष रूप से सहयोग और बढ़ावा मिले। क्योंकि इनके माध्यम से अधिक से अधिक परिवारों को रोजगार मिलता हैं। दौरान उन्होंने शहर में बुलेट ट्रेन को स्टापेज देने की बात कर तंज कसा कि, अभी वर्ष 2014 की बुलेट ट्रेन अहमदाबाद नहीं पहुंची। इस दौरान उन्होंने हवाई सेवाएं बेहतर करने की जोर दिया।
