कानपुर, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) में संकट का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एपेक्स के बागी सदस्यों द्वारा हाई कोर्ट में यूपीसीए के खिलाफ याचिका दायर करने के साथ 42 वर्षों में पहली बार चुनाव कराने को विवश यूपीसीए को एक और झटका लगा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला (Rajeev Shukla) ने यूपीसीए के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि वे बतौर आजीवन सदस्य के रूप में यूपीसीए से जुड़े रहेंगे।

पिछले कई दिनों से विवादों में फंसा यूपीसीए को सबसे बड़ा झटका निदेशक राजीव शुक्ला के अचानक दिए गए इस्तीफे से लगा है। सूत्रों के मुताबिक अधूरी केवाईसी प्रक्रिया होने के चलते उन्होंने ऐसा किया। इसके बाद उनका नाम रजिस्ट्रार आफ कंपनीज से हटा दिया गया। कहा यह भी जा रहा है कि अधूरी अनिवार्यता को पूरी करने के लिए जारी नोटिस का जवाब नहीं दिए जाने पर अक्टूबर में उनका इस्तीफा लिया जा चुका है। वहीं, यूपीसीए में बागी गुट की ओर बढ़ रहे विवाद को भी इसका कारण माना जा रहा है। जिसके कारण वे पहली बार ग्रीनपार्क में संपन्न हुए टेस्ट मैच में भी नहीं पहुंचे थे। हालांकि यूपीसीए के कार्यकारी सचिव मो. फहीम ने बताया कि राजीव शुक्ला के निदेशक पद से इस्तीफा दिए जाने की कोई जानकारी नहीं है। पुष्टि होने के बाद ही कुछ कहा जाएगा।

पूर्व क्रिकेटर रीता डे बनीं महिला क्रिकेट आपरेशन की जीएम

यूपीसीए में महिला चयन समिति की पूर्व चेयरमैन रहीं पूर्व भारतीय महिला क्रिकेटर रीता डे को नई जिम्मेदारी सौंपी गई। वे यूपीसीए में जीएम क्रिकेट आपरेशन नियुक्त की गईं। नई जिम्मेदारी के आधार पर रीता डे क्रिकेट की गतिविधियों के संचालन में अहम भूमिका निभाएंगी।

Edited By: Abhishek Verma