कानपुर, जेएनएन। लोवर-टी शर्ट पहने कुछ लोग झींझक रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र पर लाइन में लगे थे, करीब दो घंटे तक लाइन में रहने के बाद अचानक हटे और काउंटर पर परिचय दिया तो कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। दरअसल, ये रेलवे की सतर्कता (सीआइबी) विंग थी और लाइन में लगकर पहले रेकी की और फिर जांच में आरक्षण टिकट में गड़बड़ी पकड़ ली। काउंटर पर दो बिना भरे आरक्षित टिकट मिले और कैश भी कम था। टीम ने टिकट व अभिलेख जब्त कर लिए।

कानपुर-दिल्ली रेल रूट पर स्थित कानपुर देहात के झींझक रेलवे स्टेशन पर आरक्षित टिकट बुकिंग में गड़बड़ी कर दलालों के आरक्षित टिकट बनाने की सूचना सतर्कता टीम को मिली थी। मंगलवार सुबह रेलवे इलाहाबाद से सतर्कता टीम (सीआइबी) के मुख्य सतर्कता निरीक्षक संतोष पांडेय व प्रवीन आनंद लोवर और टी-शर्ट पहनकर पहुंचे। झींझक स्टेशन की आरक्षण टिकट खिड़की के सामने सुबह नौ बजे लाइन में खड़े हो गए। करीब दो घंटे लाइन में खड़े रहे और वहां की गतिविधियों पर नजर रखी। इस दौरान उन्हें गड़बड़ी की आशंका हुई तो वह टिकटघर में पहुंच गए और कर्मचारियों को परिचय देकर आइडी कार्ड दिखाया तो सभी के होश उड़ गए।

छानबीन के दौरान वहां आरक्षित टिकट काउंटर पर बिना नाम व पीएनआर छपे दो आरक्षित टिकट मिले जो कि बस्ती से बांद्रा टर्मिनल (महाराष्ट्र) के हैं। साथ ही काउंटर पर तीन दिनों के 22 आरक्षित टिकट के लिए आवेदन फार्म मिले जिसमें केवल नाम भरे थे। पता व मोबाइल नंबर नहीं था। दो फार्म डस्टबिन में पड़े मिले। आरक्षित टिकट जिनकी बुकिंग हुई थी उनका धन 22 हजार रुपये होना चाहिए पर काउंटर पर मात्र 16 हजार रुपये मिले। धनराशि कम होने के सवाल पर बुकिंग में बैठे लिपिक शुभम व महेंद्र कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद सतर्कता टीम ने टिकट व अभिलेख जब्त कर लिए। मुख्य सतर्कता निरीक्षक ने बताया कि झींझक में आरक्षित टिकट काउंटर पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली है। जांच कर अन्य शामिल लोगों का भी पता लगा रहे हैं। रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को सौंपी जाएगी।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस