Railway News: ट्रेनों के इंजनों को नमी से होने वाली खराबी से बचाएगा नया उपकरण, सुधरेगी लेटलतीफी
नमी से ट्रेनों के इंजनों में होने वाली खराबी को रोकने के लिए रेलवे ने इलेक्ट्रिक इंजनों में औद्योगिक रोटरी ...और पढ़ें

HighLights
इंजनों में नमी से होने वाली खराबी रोकने को नया उपकरण
औद्योगिक रोटरी डेसिकेंट डी-ह्यूमिडिफायर अब इंजनों में स्थापित
कानपुर लोको शेड में प्रायोगिक तौर पर हुआ है इंस्टॉलेशन
राहुल श्रीवास्तव, कानपुर। वातानुकूलन, बारिश, सर्द हवाओं व कोहरे के दौरान नमी से ट्रेनों के इंजनों में लगे उपकरणों में आने वाली खराबी को अब विशेष उपकरण रोकेगा। रेलवे ने इसके लिए इलेक्ट्रिक इंजनों के अंदर औद्योगिक रोटरी डेसिकेंट डी-ह्यूमिडिफायर लगाया है। यह ऐसा उपकरण है, जो इंजन के महत्वपूर्ण इलेक्ट्रानिक हिस्से के आसपास की हवा से अतिरिक्त नमी सोखकर वातावरण को सूखा रखेगा। इलेक्ट्रिक इंजन में ट्रैक्शन कन्वर्टर बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यही बिजली को नियंत्रित कर इंजन की मोटर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है।
उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डा. शिवम शर्मा ने बताया कि बारिश, उमस व सर्दी में कोहरे के दौरान इलेक्ट्रानिक कार्ड, कनेक्टर व इंसुलेशन पर नमी असर डाल सकती है, जिससे इनमें जंग लगने, धूल चिपकने, विद्युत लीकेज व शार्ट-सर्किट जैसी समस्याओं से इंजन खराब होते हैं और कई बार घंटों तक इन्हें ठीक करने के लिए ट्रेनों को रोकना पड़ता है, जिससे यात्री परेशान होते हैं।
कानपुर इलेक्ट्रिक लोको शेड ने इलेक्ट्रिक इंजन संख्या 44061 में इसे प्रायोगिक तौर पर लगाया है। परीक्षण के दौरान उपकरण ने नमी सोखने की क्षमता दिखी। अब तीन माह तक इसे चलाकर इसकी गुणवत्ता, कमियों को देखा जाएगा और सबकुछ ठीक मिलने पर देशभर में इलेक्ट्रिक इंजनों में इसे लगाने पर निर्णय लिया जाएगा।
नमी से क्या परेशानी होती है
इलेक्ट्रिक इंजन में ट्रैक्शन कन्वर्टर बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यही बिजली को नियंत्रित कर इंजन की मोटर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है। बारिश और उमस के दौरान नमी इलेक्ट्रानिक कार्ड, कनेक्टर और इंसुलेशन पर असर डाल सकती है, जिससे समस्याएं बढ़ती हैं। इसका सीधा असर इंजन की विश्वसनीयता और उपलब्धता पर पड़ता है।
सिलिका-जेल से सोखेगा नमी
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि विशेष उपकरण पर करीब ढाई लाख रुपये खर्च हुए हैं। लोको में लगाए गए यंत्र में लगातार घूमने वाला सिलिका-जेल रोटर है। यह हवा में मौजूद अतिरिक्त नमी को सोखता है और ट्रैक्शन कन्वर्टर के आसपास अपेक्षाकृत शुष्क वातावरण बनाए रखने में मदद करता है, इससे इलेक्ट्रानिक उपकरणों और इंसुलेशन की स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है।
एनसीआर जीएम की पहल, खुद रख रहे नजर
सीपीआरओ ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह की पहल पर ये शुरू किया गया है। वह स्वयं इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं। परियोजना को वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर कानपुर लोको शेड राहुल त्रिपाठी ने क्रियान्वित किया है।
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