कानपुर, जेएनएन। रूमा रेल हादसा कपलिंग टूटने की वजह से नहीं हुआ लेकिन, सच्चाई यह भी है कि हादसे के बाद पूर्वा एक्सप्रेस की कपलिंग टूटी थी और इसी वजह से ट्रेन दो हिस्सों में बंटी। रविवार को लखनऊ से आए डिप्टी सीआरएस (एसएंडटी उप मुख्य संरक्षा आयुक्त सिग्नलिंग एंड ट्रैफिकिंग) लखनऊ से रेलवे अफसरों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान हादसे के कारण और भविष्य में बरती जाने वाली सावधानियों पर भी मंथन हुआ। अफसरों के अनुसार हादसे के दौरान कपलिंग नहीं टूटती तो पूरी ट्रेन डिरेल हो सकती थी, ठसाठस भरे जनरल कोच में कुछ भी हो सकता था।

डिप्टी सीआरएस बलवीर सिंह यादव ने रूमा रेलवे स्टेशन से पहले पिलर नंबर 1003/17 से अपनी जांच शुरू की और अंत तक गए। सबसे आखिर में उप मुख्य संरक्षा आयुक्त ने पैंट्री कार निरीक्षण किया। अब तक रेलवे अफसर यही दावा कर रहे थे कि कपलिंग नहीं टूटी है और डिप्टी सीआरएस को भी यही बताया, लेकिन जांच हुई तो एस-8 और पैंट्रीकार के बीच पैंट्री कार की कपलिंग टूटी मिली।

ये हैं संभावित कारण

डिप्टी सीआरएस की टीम ने हादसे के कारणों पर भी जांच की। माना गया कि पिलर नंबर 1003/17 पर किसी अनियमित गतिविधि की वजह से ट्रेन के पिछले हिस्से का कोई कोच डिरेल हुआ है। स्लीपर पर पटरी किनारे कट के निशान हल्के होने का मतलब यही निकाला गया कि बीच में कोई कोच डिरेल हुआ और रूमा स्टेशन से आगे जैसे ही ट्रेन बैक आफ चेंज प्वाइंट पर पहुंची डिरेल कोच में उछाल आया होगा और यहीं से पीछे के कोच पलटने शुरू हुए होंगे। दस कोच डिरेल होने के बाद कपलिंग पर जोर पड़ा होगा और दबाव में कपलिंग टूट गई।

इस पर भी चर्चा

  • जनरेटर यान में पटरी व्हील कवर को फाड़ते हुए उसमें ही फंसकर टूट गई। हादसों में ऐसी परिस्थिति शायद पहली बार देखी गई।
  • बी-1 कोच में पहिये की पूरी सेटिंग बाहर आ गई, जबकि एच-1 कोच के एक व्हील सेट की कमानी टेढ़ी हो गई।
  • कपलिंग टूटना भले ही फायदेमंद रहा हो, लेकिन इस पर भी विचार किया गया कि आगे किसी भी परिस्थिति में कपलिंग न टूटे।
  • ट्रेन के कई पुर्जे कोच के पास न मिलकर पीछे मिले। आखिर क्यों?

बात करने से किया मना

डिप्टी सीआरएस ने जांच पर बात करने से इन्कार कर दिया। कहा, अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज देंगे।

दिल्ली-हावड़ा के दोनों ट्रैक चालू, 23 तक कॉसन पर चलेंगी ट्रेनें

पूर्वा एक्सप्रेस के हादसाग्रस्त होने के बाद हावड़ा से दिल्ली की ओर बंद पड़ा रेल यातायात रविवार की सुबह 5.26 बजे दोबारा शुरू हो गया। फिलहाल सीआरएस की जांच पूरी होने तक दोनों ट्रैक पर 30 किमी की गति से ट्रेनों को पास कराया जा रहा है। वहीं, रेलवे के अफसर हादसे के बाद भी नहीं जागे। जल्दबाजी में उन्होंने बिना पैचिंग ही नए ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया। टेढ़ीमेढ़ी पटरियों को देखकर डिप्टी सीआरएस ने भी सवाल पूछा तो अफसरों ने जल्द ही पैचिंग कराने की बात कही।

Posted By: Umesh Tiwari