कानपुर, जेएनएन। प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए डीएम ने नगर आयुक्त को पानी का छिड़काव करने के आदेश दिए हैं पर उनके आदेश का पालन नहीं हुआ। शहर में तमाम जगहों पर कूड़ा जलाया गया पर कोई रोक नहीं लगी। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक पहले की तरह बिगड़ा हुआ है। हवा में हानिकारक गैसों का घनत्व कम होने की बजाए बढ़ता ही जा रहा है। मौसम खराब होने के कारण भी हवा में घुले धूल के कड़ ने लोगों को परेशान किया।

तापमान कम होने पर हानिकारक गैसें वायुमंडल के सबसे निचली परत मैं होती है। जिसके चलते वातावरण में गैसों की परत जैसी बन जाती है। हालांकि यह हालात धुंध पडऩे पर ही बनते हैं। हवा न चलने की स्थिति में गैसें अधिक ऊंचाई तक नहीं जा पाती हैं। कार्बन डाइऑक्साइड(सीओटू), कार्बन मोनोऑक्साइड(सीओ), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड(एनओटू), सल्फर डाइऑक्साइड(एसओटू), पार्टिकुलेट मैटर(पीएम 2.5 और पीएम 10) की मात्रा भी मानक से कई गुना ज्यादा है। टूटी सड़कें , कूड़ा जलाए जाने और जाम की वजह से यह स्थिति बनी।

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