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Prayagraj Blast: प्रयागराज पटाखा फैक्ट्री धमाके से कानपुर में भी बढ़ी चिंता, दीपावली से पहले अवैध भंडारण पर सतर्कता जरूरी

Published: Mon, 31 Aug 2026 10:55 PM (IST)

प्रयागराज में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने अवैध पटाखा कारोबार पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे कानपुर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. प्रयागराज धमाके ने अवैध पटाखा कारोबार की गंभीर पोल खोली।

  2. कानपुर में दीपावली से पहले अवैध पटाखों पर सख्त निगरानी जरूरी।

  3. पुलिस, प्रशासन को अवैध पटाखा निर्माण पर तुरंत अभियान चलाना चाहिए।

जागरण संवाददाता, कानपुर। प्रयागराज और कौशांबी बार्डर पर मोहम्मदपुर गांव में सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है जबकि कई की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद अवैध रूप से पटाखे बनाने और उनके भंडारण और निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं। प्रयागराज की घटना शहर के लिए भी चेतावनी है।

दीपावली में करीब सवा दो महीने का समय बाकी है। त्योहार नजदीक आते ही पटाखों की मांग बढ़ने लगती है और इसी के साथ चोरी-छिपे पटाखे बनाने तथा उनका अवैध भंडारण शुरू होने की आशंका भी बढ़ जाती है। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आबादी के बीच यदि बिना अनुमति पटाखा निर्माण या बड़ी मात्रा में बारूद का भंडारण हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है।

पटाखा निर्माण में ज्वलनशील रसायनों और विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल होता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी होने पर छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसके बावजूद कई बार घनी आबादी के बीच अस्थायी स्थानों पर पटाखा बनाने और रखने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

प्रयागराज की घटना के बाद कानपुर पुलिस और प्रशासन को दीपावली का इंतजार करने के बजाय अभी से अभियान चलाने की जरूरत है। पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग और एलआइयू को संयुक्त रूप से ऐसे स्थानों की पहचान करनी चाहिए, जहां अवैध रूप से पटाखे बनाए या उनका भंडारण किया जा रहा हो। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो प्रयागराज जैसा हादसा कानपुर में भी हो सकता है।

शहर में पुलिस और एलआइयू पहले से ही सतर्क हैं लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रयागराज हादसे के बाद पुलिस को अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
-रघुबीर लाल,पुलिस आयुक्त


पूर्व में हो चुके हैं हादसे

  • चार अक्टूबर 2017 को महाराजपुर के सरसौल बाजार में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि तीन लोग घायल हो गए थे
  • नौ अक्टूबर 2025 को मूलगंज के मिश्रीबाजार में हुए धमाके में बच्ची की मौत हो गई थी जबकि आठ लोग घायल हुए थे पुलिस ने 65 क्विंटल पटाखा बरामद किया था
  • 12 अक्टूबर 2025 सचेंडी कस्बे से करीब दो किमी दूर कब्रिस्तान के पास देशी पटाखा बनाने के दौरान हुए विस्फोट में बिरारा मुहल्ले का अकील समेत दो लोग घायल हुए