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यूपी की बेटी प्राची पांडे ने छड़ी के सहारे जापान में लहराया तिरंगा, Asian Para Games में जीता कांस्य पदक

Published: Tue, 20 Oct 2026 11:28 AM (IST)

पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी प्राची ने टोक्यो में आयोजित पैरा एशियन चैंपियनशिप 2026 में भारत के लिए कांस्य पदक जीता है।

पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी प्राची ने जीता ब्रॉन्ज मेडल।

पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी प्राची ने जीता ब्रॉन्ज मेडल।

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जागरण संवाददाता, कानपुर। Asian Para Games | पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी प्राची पांडे ने जापान के टोक्यो में आयोजित पैरा एशियन चैंपियनशिप 2026 में देश का नाम रोशन किया है।

प्राची ने महिला सिंगल्स क्लास 6 पैरा टेबल टेनिस इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। सेमीफाइनल में उन्हें इराक की अल-दयेनी नजला से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। इराकी खिलाड़ी ने यह मुकाबला 11-9, 11-2, 11-8 से जीता। 

उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल जगत से लेकर प्रदेश और देशवासियों में खुशी की लहर है। प्राची का यह सफर पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वे उत्तर प्रदेश की पहली खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पैरा एशियन गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व किया।

इससे पहले उन्होंने मार्च 2025 में स्पेन में हुई अंतर्राष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था।

मूलरूप से उन्नाव की रहने वाली हैं प्राची

मूलरूप से उन्नाव के जुरखन खेड़ा की प्राची प्रतिदिन तीन हजार सैडो शॉट का अभ्यास करती हैं। शुरुआती समय में प्राची को प्रशिक्षित करने वाले कोच अमरेश ने बताया कि प्राची प्रतिदिन एक हजार सैडो शॉट का अभ्यास कर पैरा एशियन गेम्स तक पहुंचने में सफल रही हैं। 

प्राची। स्वजन

प्राची की उपलब्धि उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो विपरीत परिस्थितियों के आगे हार मान लेते हैं। शारीरिक सीमाओं को अपनी कमजोरी मानने के बजाय उन्होंने अपनी क्षमता को पहचाना और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। उनके इस सफर में आत्मविश्वास की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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पुलिस विभाग में काम करते हैं प्राची के पिता

प्राची के पिता शिवांकर पांडेय पुलिस विभाग में हैं। मां सरोज गृहिणी हैं। छोटा भाई अमन आइआइटी कानपुर से ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी कर रहे हैं। दूसरे भाई रजनीकांत वकालत के पेशे में हैं। शुरुआती दौर में उन्होंने कोच अमरीश कुमार से खेल की बारीकियां सीखीं। उनके सिखाए गुर अब काम आ रहे हैं।

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