बिल्हौर में गोवंश को लेकर सियासी घमासान: सपा-भाजपा विधायकों के विवादास्पद बयान, बढ़ा राजनीतिक टकराव
बिल्हौर, कानपुर में गोवंश के अवशेष मिलने की घटना अब कानून-व्यवस्था से बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बन गई है। भाजपा विधायक ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट करते विधायक राहुल बच्चा सोनक,र साथ में भाई ललित बच्चा सोनकर। स्वयं, इधर, बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा सोनकर के विवादित बयान के विरोध में मुस्लिम समाज द्वारा जाजमऊ स्थित मदीना मस्जिद में प्रदर्शन । वीडियो ग्रैब
HighLights
बिल्हौर में गोवंश अवशेष मिलने से राजनीतिक विवाद गहराया
भाजपा विधायक की टिप्पणी पर मुस्लिम समुदाय का प्रदर्शन
सपा-भाजपा विधायकों के बीच तीखी बयानबाजी से तनाव बढ़ा
जागरण संवाददाता, कानपुर। बिल्हौर विधानसभा में गोवंश के अवशेष मिलने की घटना अब महज कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह स्पष्ट रूप से राजनीतिक विमर्श और रणनीति का हिस्सा बन चुकी है। बिल्हौर में खेत में मिले अवशेषों ने जिस तरह सामाजिक भावनाओं को झकझोरा, उसी तेजी से इसे राजनीतिक रंग भी दिया गया। यह पूरा घटनाक्रम बताता है कि संवेदनशील मुद्दों पर संयम के बजाय राजनीतिक दल अपने-अपने जनाधार को साधने की कोशिश में जुट गए हैं।
वहीं इस घटना को लेकर जाजमऊ में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भाजपा विधायक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा सोनकर ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। बीते 12 जनवरी की रात बिल्हौर में दुर्गा मंदिर के पास खेत में गोवंश के अवशेष मिले थे। जिसके बाद भाजपा विधायक राहुल बच्चा सोनकर का थाने पहुंचकर 48 घंटे का अल्टीमेटम देने के साथ ही एक अमर्यादित टिप्पणी की थी। अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े धार्मिक स्थलों पर की गई टिप्पणी ने पूरे मुद्दे को संवेदनशील से विवादास्पद बना दिया। यहीं से मामला सामाजिक सौहार्द से हटकर सियासी ध्रुवीकरण की ओर मुड़ गया।
इसका जवाब छावनी से सपा विधायक मो. हसन रूमी ने जिस तीखे अंदाज में जवाब देते हुए कहा था कि कोई चूड़ियां पहनकर नहीं बैठा है। इन बयानों के बाद बिल्हौर के बहाने शहर का राजनीतिक पारा चढ़ गया। शुक्रवार को प्रदर्शन के बहाने इस मामले को और हवा देने का प्रयास किया गया। दिलचस्प यह है किभाजपा का संगठनात्मक नेतृत्व फिलहाल सार्वजनिक चुप्पी साधे हुए है। यह चुप्पी कमजोरी नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।
भाजपा यह भली-भांति जानती है कि अनियंत्रित बयानबाजी से मामला हाथ से निकल सकता है और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सीधे सरकार पर आएगी। इसलिए संगठन स्तर पर बयान से दूरी बनाकर गेंद प्रशासन और जांच एजेंसियों के पाले में रखी गई है। बिल्हौर विधायक से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।
गोवंश का वध करने पर बिल्हौर विधायक का विरोध उचित है। प्रशासन को अपना काम कर रहा है। इस घटना को सभी को विरोध करना चाहिए, न कि राजनीति करनी चाहिए। जो भी लोग इस घटना में शामिल होंगे उनके खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी।
प्रकाश पाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा
घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन इस घटना के बहाने किसी की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं करनी चाहिए। बिल्हौर विधायक का बयान संवैधानिक पद पर होने बाद भी अमर्यादित था, मैने मर्यादा में रहकर अपनी बात रखी है।
मो. हसन रूमी, सपा विधायक छावनी
