कानपुर, जेएनएन। कांशीराम अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाने की योजना फिलहाल प्रक्रिया में उलझ कर रह गई है। उप्र लघु उद्योग निगम ने प्रस्ताव बनाकर जिला प्रशासन को दे दिया है, लेकिन एस्टीमेट का परीक्षण होना है। परीक्षण के बाद ही यह तय होगा कि प्लांट लगाने का कार्य कब से होगा।

ऑक्सीजन को लेकर जबरदस्त मारामारी है। ऑक्सीजन न मिलने से अब तक एक दर्जन से अधिक कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। अस्पतालों के साथ ही होम आइसोलेशन वाले मरीज भी ऑक्सीजन के लिए परेशान हो रहे हैं, फिर भी अस्पतालों में प्लांट लगवाने में देरी हो रही है। कांशीराम ट्रामा सेंटर में 1250 लीटर प्रति मिनट उत्पादन क्षमता का प्लांट अगर लग जाए तो वहां ऑक्सीजन का संकट दूर हो जाएगा। 1.75 करोड़ से प्लांट, टिनशेड स्थापित करने का प्रस्ताव उप्र लघु उद्योग निगम ने दिया है, लेकिन उसके एस्टीमेट का परीक्षण करने के लिए प्रशासन स्तर से कमेटी बना दी गई है। अभी तक कमेटी ने परीक्षण नहीं किया। ऐसे में धनराशि भी मंजूर नहीं हो पा रही है।

यूपीएसआइसी को मिले प्लांट लगाने के प्रस्ताव

अयोध्या, हरदोई समेत कई जिलों के अस्पतालों में पांच सौ लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले प्लांट लगाए जाने हैं। इसके लिए इन जिलों के जिलाधिकारियों ने यूपीएसआइसी को प्रस्ताव भेजा है। अब प्रबंधन ने प्लांट लगाने के लिए एनबीएस नामक कंपनी का चयन किया है। जल्द ही उसे ठेका दिया जाएगा और यह कंपनी पांच से छह हफ्तों में प्लांटों की स्थापना करेगी।