सैफई, जेएनएन। Oxygen Cylinder Shoratage In UP उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में गुरुवार को एक टैंकर में 12.30 एमटी ऑक्सीजन पहुंचने से वहां भर्ती गंभीर रोगियों को बड़ी राहत मिल गई। यदि शाम छह बजे तक विश्वविद्यालय में ऑक्सीजन नहीं पहुंचती तो समस्या काफी गंभीर हो सकती थी।

बताया गया है कि कोरोना संक्रमित मरीजों को विश्वविद्यालय की पुरानी बिल्डिंग में बनाए गए कोविड-19 अस्पताल में रखा गया है। गुरुवार को दोपहर से ऑक्सीजन की कमी होते ही सिलिंडरों के माध्यम से ऑक्सीजन देना शुरू कर दिया गया था। क्योंकि टैंक में ऑक्सीजन कम हुई तो पाइप लाइन में प्रेशर बनना कम हो गया था। इस टैंक की क्षमता 28 एमटी यानी मीट्रिक टन ऑक्सीजन रखने की है। ऑक्सीजन की पूरे भवन में पाइपलाइन के माध्यम से सप्लाई होती है। गुरुवार को ऑक्सीजन की काफी कम मात्रा टैंक में बची थी। ऑक्सीजन के समय पर मिलने को लेकर पूरी तरह से संशय बना हुआ था। इसके बाद उच्चाधिकारियों के प्रयास से अपराह्न तीन बजे ऑक्सीजन से भरा हुआ एक टैंकर विश्वविद्यालय में पहुंचा तो अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली। कुलसचिव सुरेश चंद शर्मा ने बताया कि लगातार प्रयास करने पर 12.30 एमटी ऑक्सीजन गाजियाबाद से आ गई है। फिलहाल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।

Edited By: Shaswat Gupta