जागरण संवाददाता, कानपुर : कहा बेशक यह जाता रहे कि मकसद और मंशा व्यवस्था सुधार के लिए है। मगर, हकीकत यह है कि सत्ता रंग में डूबा भाजपा संगठन ही अब संवैधानिक व्यवस्था को तार-तार कर रहा है। जनता के प्रति जवाबदेह जनप्रतिनिधि हैं। सरकारी व्यवस्था में दखल का अधिकार भी उन्हीं का, लेकिन भाजपा के जिला पदाधिकारी आए दिन निरीक्षण-दौरे कर अधिकारियों को निर्देशित कर रहे हैं। गुरुवार को भी रामनवमी जुलूस मार्ग देखने के लिए नगर निगम अधिकारी तलब कर लिए गए।

भाजपा उत्तर जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी गुरुवार दोपहर 12 बजे पदाधिकारियों के साथ रावतपुर स्थित रामलला मंदिर पहुंचे। यहीं पर नगर निगम के अधिकारी बुला लिए गए। भाजपा संगठन पदाधिकारियों ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया और निर्देशित किया कि यहां सड़क खराब है, इसे बनवा दिया जाए। यहां से रथ निकलेगा, इसे ठीक कर दिया जाए। मार्ग में कोई अवरोध नहीं आना चाहिए। अधिकारी डायरी में एक-एक बिंदु ऐसे नोट करते जा रहे थे, जैसे किसी सांसद या विधायक द्वारा निर्देशित किया जा रहा हो। यही नहीं, इससे पहले जलकल, उर्सला अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस का निरीक्षण भी इसी अंदाज में करते हुए जिला पदाधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया था। नाम न छापने की शर्त पर भाजपा संगठन के ही एक आला पदाधिकारी ने कहा कि संगठन के लोग अपनी सरकार होने के नाते व्यवस्था में सहयोग दे सकते हैं। मगर, उसका तरीका अलग होना चाहिए। अधिकारियों को निर्देशित करने का उन्हें कतई अधिकार नहीं है, सिर्फ मांग की जा सकती है। हम सत्ता में नहीं थे, तब भी मांग करते थे, आज भी मांग का ही अधिकार है।

वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी का कहना था कि पिछली बार सड़क खराब होने के कारण रामभक्तों को रथ मोड़ना पड़ा था। दूसरी ओर रथ ले जाने पर कुछ लोगों ने गर्म पानी डाल दिया था, जिसकी वजह से माहौल खराब हुआ था। फिर से ऐसा कुछ न हो, इसलिए निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों से कहा गया है।

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यह रहे मौजूद

महामंत्री पूनम कपूर, उपाध्यक्ष दीपक सिंह, मंडल अध्यक्ष नीरज सेंगर, राहुल सिंह, मनजीत सिंह, अभिनव दीक्षित, रामनवमी कार्यक्रम के महामंत्री विनय शुक्ला, अजय कुशवाह।

Posted By: Jagran

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