कानपुर (जेएनएन)। चाक-चौबंद सुरक्षा में रहने वाली कानपुर की आयुध निर्माणियों का सुरक्षा घेरा अब और मजबूत होने जा रहा है। बीते दिनों उत्तर प्रदेश में सामने आई आतंकियों की सक्रियता के बाद इंटेलीजेंस ब्यूरो (आइबी) ने इन्हें अतिसंवेदनशील श्रेणी में शामिल करते हुए निगरानी का जिम्मा अपनी इंडस्ट्री सिक्युरिटी इंटेलीजेंस (आइएसआइ) ब्रांच को सौंप दी है।

कानपुर में आर्डनेंस फैक्ट्री कानपुर, फील्ड गन फैक्ट्री, स्मॉल आम्र्स फैक्ट्री, ऑर्डनेंस इक्विपमेंट फैक्ट्री और ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री है। यह पांचों ही फैक्ट्रियां भारतीय सेना के लिए रक्षा उत्पादों, रिवॉल्वर, राइफल, तोप बैरल, तोप गोले के सेल आदि महत्वपूर्ण उत्पादन करती हैं। रक्षा मंत्रालय के अधीन इन निर्माणियों को संवेदनशील पहले से ही माना जाता रहा है। सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि हाल ही में कानपुर की आयुध निर्माणियों को अतिसंवेदनशील श्रेणी में शामिल कर लिया गया है।

बताया गया कि बीते दिनों लखनऊ में एक आतंकी पकड़ा गया था। उसने सुरक्षा एजेंसियों के सामने स्वीकार किया कि उसने कानपुर में रक्षा संस्थानों की रेकी की है। वह रक्षा संस्थान कौन सा है? यह स्पष्ट नहीं हो सका। लिहाजा, सभी आयुध निर्माणियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। गोपनीय ढंग से ही आइबी की आइएसआइ ब्रांच इन पर नजर रखेगी। वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसके प्रति आगाह कर दिया गया है। 

Posted By: Ashish Mishra