कानपुर, जेएनएन। सावधान रहिए, सतर्क रहिए! एक टीवी सीरियल के एंकर की ये लाइनें मौजूदा समय शहरवासियों के लिए बेहद जरूरी हैं। क्योंकि, आतंकवाद का दंश झेल रहे देश में कानपुर भी इससे अछूता नहीं है। इसलिए आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए हर देशवासी को एक साथ लडऩा होगा।

कोई कैसे भूल सकता है कि आर्यनगर और राजीव नगर ब्लास्ट, चकेरी में प्रधानाचार्य की आतंकी ट्रायल में हत्या। मध्यप्रदेश में ट्रेन ब्लास्ट में शहर के कुछ युवाओं का हाथ। इस शहर से आतंकी, स्लीपिंग मॉड्यूल से लेकर पाकिस्तानी एजेंट पकड़े जा चुके हैं। जेहादी बातें, पर्चों के साथ ही सोशल मीडिया पर फैलते आडियो में उन्मादी जहर युवाओं में भरने की कोशिशें आज भी जारी हैं। क्या यह सिलसिला रुकेगा और कब-कैसे? इसका यही जवाब है कि पुलिस व एटीएस जैसी सुरक्षा से जुड़ी संस्थाएं आतंकवाद के खिलाफ बखूबी अपना काम कर रही हैं। बस अब हमें भी डटने की जरूरत है, हमारी ताकत ही आतंकवाद को हरा सकती है। आतंक को पनपने से पहले ही इसकी जड़ काटने में हमारी मदद इस समस्या का हल है, ...तो सक्रिय और सतर्क रहिए और जागरूक भी।

भटके कई लोगों को एटीएस लाई मुख्य धारा में

लखनऊ में मुठभेड़ के दौरान ढेर सैफुल्लाह जाजमऊ चकेरी निवासी अपने पड़ोसी गौस मोहम्मद के साथ शहर में ही आतंकियों की पाठशाला चलाता था। इसमें शहर व आसपास के करीब 75 लोग शामिल हो रहे थे। एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) उन्हें मुख्यधारा में वापस ले आई। एटीएस आतंक डी-रेडिक्लाइजेशन प्रोग्राम के तहत राह भटके लोगों को चिह्नित कर शिक्षा, धर्म और रोजगार दिलाकर मुख्यधारा से जोडऩे का काम कर रही है। धर्म गुरुओं के माध्यम से धर्म के नाम पर इनमें पनप रही गलतफहमी को दूर किया जा रहा है। डीआइजी प्रेम प्रकाश कहते हैं कि भटके युवाओं को रास्ते पर लाने के लिए पुलिस बल कटिबद्ध है।

शहर से आतंकी कनेक्शन

सात मार्च 2017 को मध्य प्रदेश में भोपाल के जबड़ी रेलवे स्टेशन के पास भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में हुए विस्फोट का मास्टर माइंड गौस मोहम्मद, मो. दानिश व आतिफ और सैफुल्लाह चकेरी जाजमऊ के रहने वाले थे। इनके साथियों में सैयद मीर हुसैन कन्नौज का है। इन लोगों ने विस्फोट के पहले चकेरी में एक प्रधानाचार्य की हत्या ट्रायल के रूप की थी। सिद्धि विनायक मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश करने वाले असोम के जमुनामुख, होजाई निवासी कमरुज्जमां उर्फ डॉ. हुरैरा भी चकेरी से पकड़े गए। हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े कमरूज्जमां के सात साथियों का अभी तक कोई अतापता नहीं। वहीं पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठनों के लिए फंड जुटाने वाले मॉड्यूल के सरगना रमेश शाह की जड़ें कानपुर परिक्षेत्र में होने के पर्याप्त सुबूत मिले थे।

इन नंबरों पर कर सकते संपर्क

एटीएस की हेल्पलाइन नंबर 0522 2304586 और 9792103156 पर कोई भी अपनों या जानने वालों को गलत रास्ते पर (संदिग्ध गतिविधि) जाता देख जानकारी दे सकता है। एटीएस कॉल करने वाले व उस व्यक्ति की जानकारी गुप्त रखती है।

जब शहर में मची दहशत

  • 1995 में घंटाघर चौराहे पर साइकिल पर लदे बमों में विस्फोट।
  • 2001 में आर्य नगर चौराहे पर एक मकान में कुकर बम फटा।
  • 2006 में रोशन नगर में हुए बम ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत।
  • 2008 में राजीव नगर में विस्फोट में दो लोगों की मौत।
  • 2011 में रावतपुर से किदवई नगर जा रही टेंपो में टिफिन बम मिला।

शहर में पकड़े गए दहशतगर्द

  • 11 सितंबर 2009 को आइएसआइ एजेंट इम्तियाज सचेंडी से गिरफ्तार।
  •  27 सितंबर 2009 को बिठूर से आइएसआइ एजेंट वकास की गिरफ्तारी।
  • 18 सितंबर 2011 को रांची निवासी आइएसआइ एजेंट फैसल रहमान उर्फ गुड्डू रेलबाजार से गिरफ्तार।
  • जुलाई 2012 में सेंट्रल स्टेशन से फिरोज की गिरफ्तारी।
  • अप्रैल 2014 को पटना में विस्फोट का संदिग्ध पनकी स्टेशन के पास पकड़ा।
  • मार्च 2017 में भोपाल में ट्रेन में ब्लास्ट करने वाले खुरासान मॉड्यूल के तीन आतंकी गिरफ्तार।

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Posted By: Abhishek