कानपुर, जेएनएन। आयकर विभाग में अब ई-असेसमेंट के साथ ई-पेनाल्टी का प्रावधान भी आ गया है। विवादों के समाधान के लिए विश्वास योजना प्रस्तावित है, जिसका लाभ करदाता उठा सकते हैं। इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के लिए वस्तु एवं सेवाकर में जाली इनवॉइस जारी करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। अब जाली इनवॉइस पकड़े जाने पर उतने ही मूल्य की पेनाल्टी देनी पड़ेगी। इसके साथ ही कंपनियों द्वारा लाभांश पर दिया जाने वाला डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स समाप्त हो जाएगा।

कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित गोष्ठी में गोविंद माहेश्वरी ने बताया कि टैक्स ऑडिट की सीमा पांच करोड़ कर दी गई है लेकिन यह सिर्फ उन पर लागू होगी, जिनका नकद लेनदेन पांच फीसद से कम होगा। ऑडिट करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर ही रहेगी लेकिन इनके रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर हो गई है।

विनय जैन ने बताया कि इस बार मुख्य बजट की दिशा कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था, ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवा की ओर है। बजट में इस बात का प्रावधान नहीं है कि बजट घाटा कहां से पूरा होगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष दीप कुमार मिश्र ने बताया कि यह बजट एक सतत विकास की अवधारणा पर आधारित है जिसमें वर्ष प्रतिवर्ष जारी रहने वाली योजनाओं के लिए लगातार बजट आवंटन करके उन्हें गति प्रदान की जा रही है।

Posted By: Abhishek

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस