कानपुर, [अनुराग मिश्र]। हरियाली से लदे-बदे नित्येश्वर आश्रम ने बारिश की बूंदें सहेजने की सार्थक पहल की है। अब संत की लगन रंग लाई है। बरसात होते ही तालाब लबालब हो रहा है। पेड़-पौधों से घिरे सुबह-शाम यहां पक्षियों की चहचहाहट और मोर की पीहू-पीहू माहौल को सुरम्य बना रही है। पानी से भरे तालाब को अब संवारने की तैयारी है।

बर्रा के फत्तेपुर गोही स्थित आश्रम की स्थापना नित्येश्वर महाराज ने की थी। उन्नाव के शुक्लागंज से यहां आए महाराज जी ने रेहू हटवाकर पौधारोपण कराया था। यहां की पथरीली जमीन में ड्रिलिंग कर पौधे रोपे गए थे और इनकी सिंचाई का इंतजाम महाराज जी ने खुद तालाब खोदकर कराया था। आज आश्रम में हजारों पेड़ लहलहा रहे हैैं। उनके शिष्य योगेंद्र मुनि जी महाराज ने आश्रम के मुख्य द्वार के दाहिनी ओर खाली पड़ी जमीन पर तालाब खुदवाया था। दैनिक जागरण की प्रेरणा और पहल पर उन्होंने यहां बारिश का पानी सहेजने का इंतजाम कराया। अब बारिश के मौसम में तालाब में पानी आ गया है तो मोर, चिडिय़ा, कोयल आदि पक्षी सुबह-शाम यहां कलरव करते दिखते हैैं।

योगेंद्र मुनि महाराज ने बताया कि अब तालाब के किनारे रेलिंग लगवाने के साथ ही मछलियां भी पाली जाएंगी। इससे भूगर्भ जल स्तर बढ़ेगा और पक्षियों के लिए भोजन-पानी का इंतजाम हो जाएगा। उनका कहना है कि इस पहल से आसपास के अन्य लोग भी जल संरक्षण के लिए प्रेरित होंगे।

Edited By: Abhishek Agnihotri