कानपुर, जेएनएन। शीतलहर के साथ गलन बढऩे से ठंड जानलेवा हो गई है। हाड़ कंपाने वाली ठंड में बुजुर्ग, दिल-दिमाग, हाई ब्लड प्रेशर व डायबिटीज पीडि़त एहतियात बरतें, क्योंकि लापरवाही बरतने पर ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक व ठंड से नौ मरीजों ने दम तोड़ दिया। उधर, एलएलआर अस्पताल (हैलट) और लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान की इमरजेंसी में मरीजों का दबाव बढ़ गया है।

ब्रेन स्ट्रोक से इनकी हुई मौत

मंगलवार दोपहर नौबस्ता की 70 वर्षीय कमला देवी बैठे-बैठे बेहोश हो गईं। स्वजनों ने डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने ब्रेन स्ट्रोक बता हैलट भेज दिया। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। ईदगाह कॉलोनी के 63 वर्षीय कमलेश सिंह दोपहर में गिर पड़े। स्वजन उन्हें हैलट इमरजेंसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने ब्रेन स्ट्रोक बता मृत घोषित कर दिया। लक्ष्मीपुरवा के 78 वर्षीय शिवदुलारे सोमवार देर रात टॉयलेट में ही गिर पड़े। रात में हैलट आए पर उनकी सांसें टूट चुकी थीं। जाजमऊ के 66 वर्षीय मो. जावेद सुबह फैक्ट्री में बेहोश हो गए। उनके साथी हैलट लेकर आए पर उनकी मौत हो गई। दादा नगर में 63 वर्षीय मो. ताहिर गिर पड़े। उनके साथी हैलट लेकर आए, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। घाटमपुर के साढ़ क्षेत्र के गांव सरसी निवासी सर्वेश यादव की शादी पांच माह पूर्व 24 वर्षीय रीता के साथ हुई थी। रीता सोमवार रात में भोजन करने जा रही थी तभी तेज ठंड लगने के बाद अचेत हो गई। स्वजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

हार्ट अटैक से इन्होंने तोड़ा दम

उधर, केशवपुरम के 63 वर्षीय मो. रिजवान को देर रात सीने में दर्द होने पर स्वजन हृदय रोग संस्थान लेकर आए, जहां इलाज के दौरान मंगलवार तड़के मौत हो गई। कानपुर देहात के रसूलाबाद निवासी 60 वर्षीय जयप्रकाश के सीने में दर्द पर स्वजन हृदय रोग संस्थान लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। फतेहपुर निवासी 70 वर्षीय चंद्रिका प्रसाद को तड़के सीने में दर्द व घुटन होने पर स्वजनों ने पहले स्थानीय डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने हृदय रोग संस्थान रेफर कर दिया पर पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।

इसका रखें ध्यान

-ठंड में उलझन, पसीना और सीने में दर्द होने पर तत्काल अस्पताल ले जाएं।

-तापमान में उतार-चढ़ाव से खून की धमनियां सिकुड़ती हैं, जिससे बीपी बढ़ता है।

-इससे हार्ट अटैक-ब्रेन स्ट्रोक का खतरा एकदम से बढ़ जाता है।

-डायबिटीज के पीडि़त ब्लड शुगर की नियति जांच कराएं।

- ब्लड प्रेशर 140-200 से ऊपर बढऩे लगे तो सतर्क हो जाएं।

- तत्काल डॉक्टर को दिखाएं, बीपी और डायबिटीज की दवा में बदलाव या मात्रा बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है।

चिकित्सकों की ये है कहना

ऐसे मरीज जिनका बीपी और शुगर अनियंत्रित रहता है, वही ठंड में ब्रेन स्ट्रोक की चपेट में आ रहे हैं। रोजाना 10-15 मरीज भर्ती हो रहे हैं।

- प्रो. रिचा गिरी, विभागाध्यक्ष, मेडिसिन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज।

ओपीडी, इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ठंड में दिल के पुराने मरीज हार्ट अटैक एवं हार्ट फेल्योर में आ रहे हैं।

-प्रो. राकेश वर्मा, विभागाध्यक्ष सीवीटीएस लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान।  

Posted By: Abhishek

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