बांदा, जेएनएन। आरटीआइ एक्टीविस्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से बुंदेलखंड राज्य के गठन के संबंध में आरटीआइ के तहत जानकारी मांगी थी। इस पर सरकार के अवर सचिव ने बेतुका जवाब दिया है। कहा है कि जनसूचना में जो सवाल किया है वह काल्पनिक है, यह नहीं दी जा सकती है।

आवास विकास कालोनी निवासी आरटीआइ कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ला ने 26 अगस्त को मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर जनसूचना के तहत जानकारी मांगी थी। इसमें बुंदेलखंड राज्य के गठन से संबंधित कई ¨बदुओं पर सवाल किए थे। मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने बुंदेलखंड राज्य के गठन को लेकर अब तक क्या कार्रवाई की है, एमपी और यूपी के कौन-कौन से जिले शामिल होंगे और नए बुंदेलखंड राज्य की राजधानी कहां प्रस्तावित है। इसके जवाब में एमपी सरकार के अवर सचिव व सहायक लोक सूचना अधिकारी रविशंकर राय ने इस बाबत आरटीआइ एक्टीविस्ट को सोमवार को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि आपका आवेदन इस विभाग को प्राप्त हुआ है, जिसे वापस किया जा रहा है। आपने प्रश्नात्मक और काल्पनिक स्वरूप के सवालों का जवाब मांगा है, इस तरह की जानकारी नहीं दी जा सकती है। इधर, कुलदीप शुक्ला ने कहा है कि उन्होंने करीब दो वर्ष पहले केंद्र व यूपी सरकार से बुंदेलखंड राज्य के गठन के संबंध में जानकारी मांगी थी, लेकिन वहां से भी राज्य गठन को लेकर गोलमोल जवाब दिया गया था। कहा कि केंद्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारें बुंदेलखंड राज्य के गठन को लेकर गंभीर नहीं हैं।

Edited By: Shaswat Gupta