जागरण संवाददाता, कानपुर : रेलवे में नौकरी के नाम पर पहले खुद ठगा गया आरोपित मोहित बाद में गैंग के साथ मिलकर लोगों को नौकरी दिलाने में जुट गया। इस काम के लिए उसे भी ठगी गई रकम का कुछ हिस्सा मिलता था। देहरादून निवासी मोहित से जीआरपी की पूछताछ में यह बात सामने आयी है। बहरहाल जीआरपी ने उसे जेल भेज दिया।

जीआरपी ने गैंग के सदस्य मोहित को मंगलवार गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया कि देहरादून में दिनेश से मुलाकात हुई थी। उसने रेलवे में नौकरी दिलाने की बात कही तो वह तैयार हो गया। दिनेश ने रुद्र प्रताप ठाकुर से मिलाया जिसने नौकरी दिलाने का वादा किया। इसके बाद रूद्र ने दिल्ली स्टेशन पर एक व्यक्ति से मिलाया जिसने स्वयं को डीआररएम का पीआरओ बताया। कुछ देर बाद ही उसने डीआरएम के हस्ताक्षर युक्त एक आइडी भी दे दी जिसके बाद विश्वास हो गया। उसी दौरान 20-20 हजार रुपये रुद्र के खाते में ट्रांसफर किए, जबकि बाद में 1.10 लाख रुपये चेक के जरिये दिए थे। खुद नौकरी करने के साथ ही अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को भी नौकरी दिलाने लगा। अब तक करीब नौ लोगों को नौकरी के नाम पर रुद्र से मिला चुका है। जीआरपी ने मोहित के द्वारा किए गए कैश ट्रांसफर की डिटेल निकाल ली है। जीआरपी इंस्पेक्टर अजीत कुमार सिंह ने बताया कि मोहित को जेल भेज दिया गया।

दो महीनों में खराब हुए 42 ट्रांसफार्मर

जासं, कानपुर : पिछले दो महीने में केस्को के 42 ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। ट्रांसफार्मर खराब होने से उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ा। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कम ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। इस वर्ष अप्रैल में 18 ट्रांसफार्मर खराब हुए। मई में लोड बढ़ने पर ट्रांसफार्मर खराब होने की संख्या भी बढ़ गई। मई में 24 ट्रांसफार्मर खराब हुए। पिछले वर्ष अप्रैल में 29 तथा मई में 37 ट्रांसफार्मर खराब हुए थे।

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