कानपुर, जेएनएन। पैगंबर-ए-इस्लाम के जन्मदिवस की खुशी में मनाई जाने वाली ईद मिलादुन्नबी को लेकर जलसे, रैलियां आदि आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण, बेटियों की शिक्षा का संदेश दिया जा रहा है। ईद मिलादुन्नबी पर कम से कम एक पेड़ जरूर लगाने की अपील की जा रही है।  गरीबों की मदद  के साथ ही ब्लड डोनेशन कैंप भी आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में आल इंडिया गरीब नवाज काउंसिल ने चिश्ती नगर में जलसा आयोजित किया। जलसे को संबोधित करते हुए मौलाना हाशिम अशरफी ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी पर हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा जरूर लगाए तथा उसकी देखभाल भी करें। पेड़ों की संख्या बढ़ाना बहुत जरूरी है। इससे जहां प्रदूषण कम होता है वहीं आक्सीजन भी बढ़ती है। पौधारोपण कर स्वच्छ वातावरण बना सकते है।  उन्होंने कहा कि ईद मिलादुन्नबी पर गरीबों की अधिक से अधिक मदद करें। भूखों को खाना खिलाए। जो गरीब बीमार हैं, उनका इलाज कराने में मदद करें। उन्होंने कहा कि पानी की फिजूलखर्ची न करें। जितनी जरूरत हो उतना ही पानी इस्तेमाल करें। पर्यावरण के साथ जलसंरक्षण भी जरूरी है। जलसे में काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे। वहीं मोहम्मदी यूथ ग्रुप लोगों को जागरूक करने के लिए रैलियां निकाल रहा है। रैलियों में पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने, बेटियों की उच्च शिक्षा दिलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मोहम्मदी यूथ ग्रुप के सदस्यों ने कारी साहब पार्क से रैली निकाली। इस दौरान रैली में शामिल लोग हाथों में तख्तियां लिए थे। इन पर जुआ, सट्टा, नशा, शराब से दूर रहें, गरीबों, यतीमों की मदद करें, बेटियों को शिक्षित करें, भूखों को खाना खिलाएं, पड़ोसियों की मदद करें, पर्यावरण संरक्षण करें आदि नारे लिखे थे। रैली में शामिल ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि पैगंबर ए इस्लाम ने सभी मजहब की इज्जत करने तथा मुल्क से मोहम्मद की सीख दी है।

Edited By: Shaswat Gupta