रैपिड रेल मेट्रो से जुड़ेंगे लखनऊ-कानपुर एयरपोर्ट

- वर्ष 2051 तक के लिए शहर की आधारभूत जरूरतों को पूरा करने को लेकर हुई बैठक

- बैठक में कहा गया कानपुर-उन्नाव-लखनऊ को प्रदेश के राजधानी क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए

जागरण संवाददाता, कानपुर : कानपुर-लखनऊ एयरपोर्ट को रैपिड रेल मेट्रो से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही कानपुर-उन्नाव-लखनऊ को प्रदेश के राजधानी क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए। यह बात वर्ष 2051 तक के लिए शहर की आधारभूत जरूरतों को पूरा करने को लेकर हुई बैठक के दौरान कही गई।

शहर के विकास को रफ्तार देने के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण वर्ष 2051 तक की जरूरतों को देखते हुए ट्रैक्टेबल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड से शहर के विकास की योजना तैयार करा रहा है। इसमें कामर्शियल, रेजीडेंशियल, रिंग रोड, डेडीकेटेड फ्रेट कोरिडोर सभी को ध्यान में रखते हुए काम हो रहा है। केडीए ने पिछले चार माह में योजना का एक स्तर तैयार कर लिया है। शनिवार को केडीए अध्यक्ष व मंडलायुक्त डा. राजशेखर के सामने यह योजना प्रस्तुत की गई। इसमें केडीए उपाध्यक्ष अरविन्द सिंह ने वर्ष 2051 में नगर की आबादी व स्वरूप को देखते हुए यूपी कैपिटल रीजन के सिद्धांत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लखनऊ-कानपुर-उन्नाव को प्रदेश के कैपिटल रीजन के रूप में विकसित किया जाए। इससे नगर में उद्योगों व उद्यमियों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि केडीए द्वारा प्रस्तावित न्यू कानपुर सिटी योजना के साथ नालेज सिटी का भी विकास नगर के पश्चिमी हिस्से में किया जाए। चकेरी के पास लाजिस्टिक्स एंड हास्पिटेलिटी हब बनाया जाए। साथ ही दक्षिणी भाग में नए उद्योगों के लिए सुविधाएं विकसित हों। इस दौरान बिठूर धाम के पौराणिक महत्व को और प्रचारित करने, इसे सीधा अयोध्या धाम से जोड़ने व पौराणिक व पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कहा गया।

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प्रमुख सड़कों का रोड सेफ्टी आडिट हो

बैठक में मंडलायुक्त ने शहर की प्रमुख सड़कों का रोड सेफ्टी आडिट कराने के लिए कहा। इसके साथ ही यात्री सुविधाओं को और विकसित करने के लिए कहा गया। मेट्रो का और अधिक विस्तार करके मास पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का दायरा बढ़ाए जाने का प्रस्ताव दिया गया। उन्होंने प्रस्तावित रिंग रोड के राजमार्ग से मिलने वाले हर बिंदु पर बस स्टेशन व लाजिस्टिक्स पार्क विकसित करने के लिए कहा। शहर में लगने वाले जाम को देखते हुए शहर के बाहरी क्षेत्रों में ट्रकों की पार्किंग, लोडिंग व अनलोडिंग की सुविधा पे एंड यूज पद्धति पर विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया। साथ ही गंगा रिवर फ्रंट के विकास पर भी जोर दिया गया।

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फीड बैक लिया

बैठक में मौजूद उद्यमियों, रियल स्टेट डेवलपर्स, ट्रांसपोर्टर्स, एक्सपोर्टर्स, इंडस्ट्रीयलिस्ट से फीडबैक भी लिया गया। इसके लिए सभी को फार्म दिए गए।

Edited By: Jagran