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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जबरन मतांतरण कराकर कर ली युवती से शादी

By JagranEdited By:
Published: Tue, 27 Jul 2021 02:06 AM (IST)

शहर में लवजिहाद का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है।

जबरन मतांतरण कराकर कर ली युवती से शादी
जबरन मतांतरण कराकर कर ली युवती से शादी

जागरण संवाददाता, कानपुर : शहर में लव जिहाद का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। जौनपुर निवासी अभियुक्त ने फेसबुक पर नाम बदल कर बाबूपुरवा की एक युवती से दोस्ती की, फिर उसे प्रेमजाल में फंसाकर घर से भगा ले गया। बाद में युवती को प्रेमी के मुस्लिम होने की जानकारी हुई। आरोप है कि जबरन मतांतरण कराकर उसका निकाह कराया गया। बाबूपुरवा पुलिस ने आरोपित के मोबाइल काल रिकार्ड की मदद से सोमवार को उसे मुंबई से पकड़ लिया।

थाना बाबूपुरवा क्षेत्र के बगाही में रहने वाले परिवार ने बीती 16 मार्च को अपनी 19 साल की बेटी के अगवा किए जाने का मुकदमा दर्ज करवाया था। मुकदमा लिखे जाने के बाद से पुलिस युवती की तलाश में लगी हुई थी। काल डिटेल और लोकेशन के आधार पर थाना बाबूपुरवा पुलिस ने युवती को मुंबई से अभियुक्तों के चंगुल से मुक्त करा लिया है। पकड़े गये अभियुक्तों की पहचान जनपद जौनपुर निवासी सिराज अली और उसके पिता अब्दुल गफ्फार के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया है कि सिराज अली ने फेसबुक पर लक्ष्मी के नाम से फेसबुक अकाउंट बनाया और पीड़िता के पास फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। किसी लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट देखकर उसने दोस्ती स्वीकार कर ली। धीरे-धीरे दोनों में बात शुरू हुई तो सामने आया कि वह लड़की नहीं बल्कि लड़का है। सिराज ने इसके बाद बेहद चालाकी से अपना नाम लक्ष्मीकांत बताया और दोस्ती के लिए प्रपोज किया। इसके बाद उसने युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाया और कभी कभार कानपुर आकर उससे मिलने भी लगा।

पीड़िता के मुताबिक एक दिन उसके भाई ने दोनों को एक साथ देख लिया। डर कर उसने घर छोड़ दिया और प्रेमी के साथ भाग गई। आरोप है कि घर से भागने के बाद उसे पता चला कि जिस लड़के को वह लक्ष्मीकांत मानकर प्यार करती है, वह सिराज अली है। आरोप यह भी है कि इसके बाद जबरन उसका मतांतरण किया गया और जबरन निकाह पढ़वा दिया गया। मुंबई में इसीलिए रखा गया कि वह भाग न सके। एसीपी बाबूपुरवा आलोक सिंह ने बताया कि अभियुक्तों पर दुष्कर्म के अलावा 3/5 उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम 2021 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अपहरण की धारा हटा दी गई है, क्योंकि लड़की ने अपनी इच्छा से जाना स्वीकार किया है।