कानपुर, जेएनएन। नौबस्ता में नाम बदलकर शटरिंग कारीगर की बेटी से शादी रचाने के मामले में नया राज सामने आया है। युवती के फर्जी दस्तावेज तैयार करने में जाजमऊ की एक महिला अधिवक्ता ने मदद की थी। पुलिस ने महिला अधिवक्ता को आरोपित बनाते हुए इसके संपर्क सूत्रों को खंगालना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि यह महिला अधिवक्ता लव जिहाद के अन्य मामलों में भी आरोपितों की मददगार है। 

नौबस्ता आवास विकास हंसपुरम निवासी शटरिंगग कारीगर के चार बच्चों में सबसे बड़ी 20 वर्षीय बेटी पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रही थी। बेटी को फोन पर किसी युवक से बातचीत करते जब पकड़ा गया तो उसने बताया कि वह राहुल विश्वकर्मा नाम के युवक के संपर्क में है। जब स्वजनों ने पड़ताल की तो पता चला कि बेटी ने कई महीने पहले एक दूसरे धर्म के युवक से अदालत में शादी कर ली है। अदालत में जो दस्तावेज लगे हैं वह फर्जी हैं और उसमें युवती का नाम मरियम फातिमा दर्ज है।

इस खुलासे के बाद आरोपित युवक ने युवती को घर से जबरन ले जाने की कोशिश की तो स्वजनों ने पुलिस बुला ली थी और आरोपित पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम नौबस्ता मछरिया निवासी मुख्तार अहमद खान बताया था। नौबस्ता थाना प्रभारी कुंज बिहारी मिश्रा ने बताया कि युवती के बयान अदालत में दर्ज कराए गए थे, जिसमें उसने बताया था कि उसके फर्जी दस्तावेज जाजमऊ निवासी महिला अधिवक्ता फातिमा ने तैयार करवाए थे इस आधार पर महिला अधिवक्ता को आरोपित बनाया गया है।

लव जिहाद की लंबी चेन

लव जिहाद पर जांच कर रही पुलिस को नौबस्ता में हुए इस नए राज के सामने आने के बाद कई कडिय़ां जुड़ती नजर आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस इस महिला अधिवक्ता के सहारे उन लोगों तक पहुंचना चाहती है जो कि लव जिहाद को बढ़ावा दे रहे हैं। पुलिस महिला अधिवक्ता के मोबाइल फोन रिकार्ड व अन्य माध्यमों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उक्त चेन कितनी लंबी है। बताया तो यहां तक जा रहा है कि इस खेल में कुछ बड़े नाम भी शामिल हैं, जो कि आरोपितों को कानूनी के अलावा आर्थिक सहयोग भी देते हैं।

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