कानपुर, जेएनएन। बिहार के प्रमुख सचिव राजस्व परिषद एसएम राजू (बिहार कैडर के वरिष्ठ आइएएस अफसर) ने मछली एवं हर्बल से किडनी और लिवर की दवा तैयार की है। उन्होंने इस दवा से पहले स्वयं, अपने पिता एवं पुत्र का इलाज किया। अब दूसरों को लाभान्वित कर रहे हैं। वह रविवार को आयुर्वेद चिकित्सा एवं पंचकर्म सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के तत्वावधान में कान्हा इंटरनेशनल में आयोजित गोष्ठी में शामिल होने आए थे।

वर्ष 1991 बैच के आइएएस अधिकारी ने बताया कि वह आयुर्वेद आधारित कई दवाएं ईजाद कर चुके हैं। उनकी दवाओं का सेवन कर कई जानी-मानी हस्तियां पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी हैं। अब अपना फार्मूला बेंगलुरू की एक कंपनी को दिया है, जो दवा बना रही है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान गठिया हो गया था। वर्ष 1987 से 1988 तक इंजेक्शन लगवाने पड़े। कृषि स्नातक की पढ़ाई के दौरान औषधीय पौधों की जानकारी होने पर उनसे दवाएं बनाकर सेवन किया। इससे राहत मिली।

वर्ष 2008 में किडनी खराब होने से पिता डायलिसिस पर आ गए। उनके इलाज के लिए मछली, हरी धनिया, अदरख, हरी मिर्च, लहसून और पुदीना से दवा तैयार की। उसके प्रयोग से जबरदस्त लाभ हुआ। वर्ष 2014 तक वह बिना डायलिसिस के रहे। उनका क्रिएटिनिन, पोटाश, सोडियम, यूरिक एसिड सामान्य रहा। इससे हौसला बढऩे पर हार्ट, लिवर, किडनी समेत 170 प्रकार की बीमारियों की आठ दवाएं बनाई। अब तक 14 दवाएं खोज चुके हैं। 

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