कानपुर-लखनऊ पैसेंजर ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री बेहाल, अक्टूबर में एक भी दिन समय पर नहीं पहुंची रेल
कानपुर-लखनऊ मेमू ट्रेनें अक्टूबर में एक भी दिन समय पर नहीं चलीं, जिससे हजारों दैनिक यात्री परेशान हैं।

कानपुर लखनऊ मेमू रोजाना लेट, रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर से लखनऊ के बीच प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्री इस समय परेशान हैं। कारण, कानपुर-लखनऊ मेमू ट्रेनें हैं, जो अक्टूबर में अभी तक एक भी दिन समय पर नहीं चलीं। इससे नौकरीपेशा समय पर कार्यालय नहीं पहुंच पाए तो व्यापार के काम से जाने वाले देरी से पहुंचने पर परेशान हुए और हो रहे हैं।
नाराज यात्रियों ने सोशल मीडिया X पर शिकायतें कर रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कानपुर सेंट्रल से 4 ट्रेनें रोजाना सुबह, दोपहर व शाम को लखनऊ जाती हैं और उसी क्रम में वापस आती हैं। इनमें प्रतिदिन लगभग 3000 से 3500 दैनिक यात्री सफर करते हैं। इस तरह महीने भर में एक लाख लोग परेशान हुए। ट्रेनें समय पर नहीं चलने के कारण यात्रियों को दूसरे साधनों से गंतव्य तक पहुंचना पड़ा और परेशानी हुई।
कानपुर से लखनऊ के बीच लोकल यात्रियों के लिए अहम मानी जाने वाली मेमू ट्रेनें समय की पटरी से उतर गई हैं। नाराज यात्रियों ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर दर्जनों शिकायतें कर रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
कानपुर सेंट्रल से चलने वाली ट्रेन नंबर 64204, 64214, 64212 व 64701 मेमू से रोजाना करीब 3500 यात्री सफर करते हैं। इसी तरह लखनऊ से आने वाली इन ट्रेनों के यात्रियों की संख्या जोड़ें तो करीब सात हजार हो जाएगी। इन ट्रेनों में देरी होने का असर यात्रियों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। इन चारों ट्रेनों की बात करें तो एक अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक ये ट्रेनें न कानपुर सेंट्रल से लखनऊ समय से पहुंचीं और न ही लखनऊ से चलकर ये कानपुर सेंट्रल समय पर आईं।
''ऐसे चल रही मेमू, जैसे इसमें इंसान नहीं जानवर सफर करते हों''
मेमू ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी से परेशान यात्रियों का गुस्सा एक्स पर भी दिखाई दे रहा है। शिकायत करने वाले यात्रियों का कहना है कि रेलवे की ओर से व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है। एक यात्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मेमू को इस तरह चलाया जा रहा है, जैसे इसमें यात्री नहीं, जानवर सफर करते हों। यहां तक कहा कि यदि रेलवे इस व्यवस्था को सुधार नहीं सकता तो इसे बंद कर रेल सेवा केवल अमीरों के लिए छोड़ देनी चाहिए।
समय पर पहुंचने की उम्मीद में रोज करना पड़ता इंतजार
कानपुर-लखनऊ रेलखंड पर मेमू नौकरीपेशा और अन्य दैनिक यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में ट्रेनों का लगातार देर से चलना केवल यात्रा में देरी का मामला नहीं है, बल्कि इससे यात्रियों के कामकाज और रोजमर्रा की समय-सारिणी भी प्रभावित होती है।
कानपुर रेल यात्री समिति के अध्यक्ष दुर्गेश कुमार मिश्रा ने कहा कि मेमू न तो जाने में न वापस आने में समय पर रहती है। रेल से दैनिक यात्रा करने वाले यात्री रेलवे की उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं। रेलवे मेमू ट्रेनों के परिचालन की नियमित समीक्षा करे और देरी के कारणों को दूर कर समय पालन सुनिश्चित करें।
सेंट्रल स्टेशन के निदेशक अकांशु गोविल ने जानकारी दी कि मेमू ट्रेनों को समय से निकाला जा रहा है। रास्ते में ट्रेनें फंस रहीं हैं। जल्द ही इस समस्या का निराकरण कर दिया जाएगा। इसके अलावा आने वाली ट्रेनें आउटर पर रुकती हैं, उन्हें जल्द ही प्लेटफार्म पर लाने का भरसक प्रयास किया जाएगा।
