कानपुर, जागरण संवाददाता। चिड़ियाघर परिसर में दो साल से अस्पताल के बाड़े में रह रहे बाघ मल्लू, लव व बाघिन मालती का एकांतवास जल्द खत्म होने वाला है। अब इन्हें नया और बड़ा घर मिलने वाला है। 25 लाख की लागत से इनके लिए नया बाड़ा बनाया गया है। 1145 वर्ग मीटर में बने इस बाड़े में चार पिंजड़े हैं। इनकी चौड़ाई 1.80 मीटर और ऊंचाई 2.5 मीटर है। 

निदेशक केके सिंह ने बताया कि इस नए घर में तीनों बाघों को अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इसके बाद दर्शक एक साथ आठ बाघों का दीदार कर सकेंगे। अभी सिर्फ पांच बाघ ही दर्शकों के सामने आते हैं। प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी डा. अनुराग सिंह ने बताया कि मल्लू, मालती का भाई है। दोनों की उम्र लगभग बराबर है और इनके शरीर पर धारियां भी एक जैसी हैं। रेंजर नावेद इकराम ने बताया कि बघीरा, सावित्री और त्रुशा के घरों के पास ही बाड़ा बनाया गया है।

गैंडा की एक साल तक देखभाल करेगी पेट्रोलियम कंपनी

इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) ने चिड़ियाघर में पल रहे गैंडे मानू और पवन की एक साल तक देखरेख का जिम्मा लिया है। एक गैंडे पर तीन लाख रुपये से अधिक का सालाना खर्च आएगा। विश्व गैंडा दिवस पर गुरुवार को चिड़ियाघर में आयोजित कार्यक्रम में चिड़ियाघर प्रशासन और आइओसीएल के अधिकारियों ने यह निर्णय लिया। इस दौरान, गैंडों की संख्या में वृद्धि, प्राकृतिक आवासों के संरक्षण, संवर्धन के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। 

Edited By: Abhishek Agnihotri