कानपुर, जागरण संवाददाता। बीते दिनों बारिश के बाद अब मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है और पारे में चार डिग्री की सबसे बड़ी गिरावट से ठंड में इजाफा हो गया है। शुक्रवार की सुबह कोहरे की चादर ओढ़कर आई और सर्द हवाओं से लोगों के हाथ-पैर सुन्न होना शुरू हो गए। मकर संक्रांति पर्व पर ढलने की बजाए सर्दी बढ़ती नजर आ रही है। अब सुबह-शाम ओस और गलन के साथ कड़ाके की सर्दी पड़ना शुरू हो गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने अाने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में गिरावट और पारा पांच डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई है। तापमान कम होने पर पाला गिरने की भी आशंका रहेगी। एेसे मौसम में किसानों को फसलों में पर्याप्त नमी बनाकर रखने और जरूरी कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने का सुझाव दिया है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर पश्चिमी हवाओं के कारण रात के तापमान में तेजी से गिरावट हो रही है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान चार डिग्री गिरकर 6.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। साथ ही तापमान गिरने से सुबह गंगा के मैदानी इलाकों में कोहरा व धुंध भी छाई रही। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण धूप खिलने के बाद भी शीतलहर व ठिठुरन का अहसास होता रहा। इसका असर शुक्रवार की सुबह को भी दिखाई दिया, मकर संक्रांति की भोर पहर सर्द हवाओं के साथ कोहरा छाया रहा। फिलहाल आने वाले दिनों में ठंड में इजाफा होने के आसार हैं।

सीएसए विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि धूप खिलने के कारण दिन के तापमान में थोड़ी बढ़ोत्तरी हो सकती है, लेकिन देर रात और तड़के तापमान में कमी आएगी। उत्तर पूर्व राजस्थान और दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मिलकर एक परिसंचरण बना रहे हैं। इसके चलते उत्तर पश्चिम से आ रही बर्फीली हवाएं ठिठुरन बढ़ा रही हैं।

मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक हवा की रफ्तार अभी तीन से चार किलोमीटर प्रति घंटा है। इससे ज्यादा तेज हवाएं होने पर शीतलहर बढ़ेगी। साथ ही देर शाम से सुबह तक शहर के बाहरी इलाकों और गंगा के मैदानी भागों में घना कोहरा भी दिखाई देने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 16 जनवरी तक पश्चिमी हिमालय के पास पहुंच रहा है। यह 17 जनवरी से अपना असर दिखाएगा और तब आसमान में फिर से बादल आ सकते हैं।

Edited By: Abhishek Agnihotri