Heavy Rainfall Alert: कानपुर में मानसून ने तोड़ा पांच साल का रिकॉर्ड, अगस्त में बरसा सबसे ज्यादा पानी; IMD की चेतावनी
कानपुर में अगस्त 2026 में पिछले पांच सालों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 689.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य ...और पढ़ें

HighLights
अगस्त 2026 में कानपुर में रिकॉर्ड 689.6 मिमी बारिश दर्ज
सितंबर की शुरुआत में भारी बारिश, बाद में मानसून कमजोर
अल-नीनो प्रभाव से कुल सितंबर वर्षा सामान्य से कम
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर में इस बार अगस्त का महीना वर्षा के लिहाज से बेहद सक्रिय रहा। मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में 1 जून से 31 अगस्त तक 689.6 मिमी वर्षा दर्ज हुआ, जो बीते साल की तुलना में सामान्य से 40 प्रतिशत अधिक रहा। साथ ही पिछले पांच वर्षों में अगस्त की वर्षा का सबसे अधिक स्तर है।
कानपुर में सालभर की सामान्य वर्षा करीब 865 मिलीमीटर से 951 मिलीमीटर होती है। वर्ष 2025 में अगस्त में करीब 334 मिलीमीटर, 2024 में 275 मिलीमीटर, 2023 में 201 मिलीमीटर और 2022 में 194 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। इस तरह 2026 में अगस्त की वर्षा ने पिछले वर्षों को काफी पीछे छोड़ दिया।
मौसम विभाग के आंकड़ों से स्पष्ट है कि वर्ष 2026 में अगस्त की वर्षा 2025 की तुलना में भी काफी अधिक रही। वर्ष 2022 और 2023 की तुलना में तो इस बार बारिश लगभग दोगुने से ढाई गुने तक अधिक रही। लगातार बने मौसम तंत्रों और मानसून की सक्रियता से शहर में कई बार तेज वर्षा के दौर आए।
अगस्त में रिकार्ड वर्षा के बाद सितंबर की शुरुआत भी शहर के लिए वर्षा भरी रहने के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और उत्तरी भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। हालांकि, पूरे सितंबर के दौरान मानसून की गतिविधियां सामान्य से कमजोर रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार पहले सप्ताह में तेज वर्षा के बाद वर्षा के दौर में कमी आ सकती है।
मंगलवार को शहर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला रहा। सुबह से ही बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज वर्षा हुई। सीएसए में सर्वाधिक 68 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। कंपनी बाग में 67.8 मिमी, काकादेव में 66.3 मिमी, सिविल लाइंस में 67.3 मिमी, एयरफोर्स स्टेशन में 50.8 मिमी, नौबस्ता में 50.1 मिमी व बर्रा में भी 68 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
वर्षा के कारण तापमान में गिरावट आई और अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.9 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रहा। हवा दक्षिण-पश्चिम दिशा से 5.2 किलोमीटर प्रतिघंटे की औसत गति से चली।
पश्चिमी विक्षोभ और कम दबाव का असर
मौसम विशेष डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ रहा कम दबाव का क्षेत्र और उत्तरी पाकिस्तान-जम्मू क्षेत्र के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आपस में प्रभाव डाल रहे हैं। इससे उत्तर भारत में नमी बढ़ रही है। इसके चलते उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश के आसार हैं।
डा. पांडेय ने बताया कि सितंबर के शुरुआती दिनों में अच्छी वर्षा हो सकती है, लेकिन इसके बाद मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है। अल-नीनो के प्रभाव के कारण पूरे महीने की वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है। हालांकि, बीच-बीच में मौसम प्रणालियां बनने पर वर्षा के कुछ अच्छे दौर देखने को मिल सकते हैं।
