कानपुर, जागरण संवाददाता। नई सड़क पर उपद्रव के दौरान रुमाल हिलाकर उपद्रवियों को चंद्रेश्वर हाता की ओर जाने के लिए उकसाने वाले अजीम खान को विशेष जांच दल (एसआइटी) ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी असलियत सामने आई तो सभी दंग रह गए, वह खुद का नाम अजीम शुक्ला बताता था और कलावा पहनने के साथ-साथ टीका लगाकर घूमता था।

पूछताछ में सामने आया है कि वह नाम बदलकर ही पुलिस मित्र भी बन गया था। उपद्रव के बाद वह पुलिस के साथ सभी गतिविधियों पर नजर बनाए था और सूचनाएं उपद्रवियों को दे रहा था। तीन जून को जुमे की नमाज के बाद भीड़ निकली थी। भीड़ में शामिल कुछ लोग चंद्रेश्वर हाता की ओर दुकानें जबरन बंद कराने लगे और इसे लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद कुर्ता पायजामा पहने हुए एक युवक ने रुमाल हिलाकर उपद्रवियों की भीड़ को चंद्रेश्वर हाता की ओर आने का इशारा किया था। इसका वीडियो भी सामने आया था जिसमें वह रुमाल हिलाते दिख रहा है।

एसआइटी ने इसे अपनी जांच में शामिल किया और उसकी तलाश में जुटी थी। इस बीच वह कलावा बांधकर और टीका लगाकर पुलिस के साथ ही रहा और सभी गतिविधियों पर नजर रखता रहा। शंका होने पर टोकाटाकी हुई तो अपना नाम अजीम शुक्ला और खुद को पुलिस मित्र बताया था। वहीं, एसआइटी अजीम की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। छानबीन में उसका नाम अजीम खान होना सामने आया तो उसे शनिवार को बेकनगंज से गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपित को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपित का मुख्तार बाबा की दुकान और घर पर आना जाना था। बताया गया था कि वह मुख्तार के लिए काम भी करता था। सीडीआर खोलेगी राज: एसआइटी अजीम खान के मोबाइल की सीडीआर निकलवा रही है। सीडीआर के जरिए उसके संपर्क खंगालने में जुटी है। मुख्तार के अलावा उसके और लोगों से भी संपर्क सामने आ सकते हैं।

Edited By: Abhishek Agnihotri