कानपुर, जेएनएन। गंगा बैराज क्षेत्र स्थित कटरी ख्यौरा में बिल्डरों ने केडीए की जमीन पर कब्जा करके अपनी टाउनशिप से रास्ता जोड़ दिया। दैनिक जागरण द्वारा केडीए की जमीन पर हुए कब्जे का खुलासा किए जाने के बाद से खलबली मच गई, इसके बाद अफसर हरकत में आए। केडीए नक्शे और दस्तावेज में जमीन ढूंढने लगा। तहसीलदार और अमीन ने सर्वे शुरू करा दिया है। बिल्डर ने चक रोड दिखाकर केडीए की बेशकीमती जमीन पर अपने लाभ के लिए रास्ता बना दिया।

केडीए की टीम अवैध बनी टाउनशिप के लिए पिछले साल सर्वे कराया था। तहसीलदार, अमीनों व प्रवर्तन दस्ते की टीम ने क्षेत्र में सर्वे किया था। पूरा सर्वे होने के बाद भी केडीए के अमले को अपनी जमीन पर बन रही इंटरलाङ्क्षकग टाइल्स की सड़क नहीं दिखी। बिल्डरों ने केडीए की जमीन आराजी संख्या 2128 के रकबा 0.0230 हेक्टेयर पर कब्जा करके अपनी टाउनशिप से जोड़ लिया है। बैराज की तरफ से चार फीट की चकरोड नजर आती है। इसके बाद हरियाली है, इसके कारण अंदर क्या हो रहा है यह नहीं दिखायी देता है। यहां पर बिल्डर ने प्लाङ्क्षटग शुरू कर दी है।

केडीए की जमीन पर दस मीटर तक रास्ता बना दिया है। इस रास्ते पर आराम से अंदर ट्रक जा सकते है और मुड़कर बाहर आ सकते है। हालांकि बाहर से देखने पर यहीं लगता है कि कैसे वाहन अंदर जाएंगे। केडीए का भी सक्रिय रैकेट इन लोगों से मिला है। इसके चलते ही बिल्डर ने कब्जा किया है। मामला सामने आने पर तहसीलदार अजीत सिंह ने अमीन के साथ दस्तावेेज और नक्शों का सर्वे शुरू कराया है। दस्तावेज देखे जा रहे है। तहसीलदार ने बताया कि जमीन से कब्जा हटाया जाएगा। इस जमीन को प्रवर्तन दस्ते से खाली कराया जाएगा। प्रवर्तन प्रभारी आरआरपी सिंह ने बताया कि डूब क्षेत्र में अवैध टाउनशिप के खिलाफ जल्द अभियान चलाया जाएगा। सरकारी जमीन पर कब्जे हैं, उनको हटाया जाएगा।

पुल बनता रहा और अफसर रहे खामोश

बिधनू के नगवां गांव से निकली नदी के ऊपर कालोनाइजर्स ने अवैध रुप से पुल बना दिया है। ङ्क्षसचाई विभाग के निचले स्तर के कर्मचारी अधिकारियों को लगातार पुलिया निर्माण के बारे में अवगत कराते रहें, लेकिन उच्चाधिकारियों ने बिल्कुल संज्ञान नहीं लिया। अब नतीजा यह है कि पुलिया अवैध रुप से बनाई जाने के बाद भी अभियंता ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखने से पीछे हट रहे हैं। मजे की बात यह है कि जब नहर के ऊपर पुल बनाया जा रहा था तो कर्मचारियों द्वारा लगातार इसकी सूचना अभियंताओं को दी जा रही थी।

कर्मचारी मौके पर भी पहुंचे और उन्होंने स्थानीय चौकी में तहरीर देकर नहर के ऊपर बन रहे अवैध पुल के निर्माण कार्य को रोकने की बात कही, पुलिस मौके पर पहुंची तो काम रुकवा दिया था। सिंचाई विभाग की नजर हटते ही कालोनाइजर्स के स्लैब ढाल दी। एक हफ्ते बाद जब कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो पुल तैयार हो चुका था। अधिशासी अभियंता यासीन खान को दी गई रिपोर्ट में इस बात जिक्र ही नहीं है कि किस कालोनाइजर्स ने यह पुल तैयार किया है। यासीन ने बताया कि कार्रवाई करने में कुछ समय लगेगा, लेकिन अभियंता यह स्पष्ट नहीं कर पाये कि कितना समय लग जाएगा।

Edited By: Abhishek Agnihotri