कानपुर में डंपर की टक्कर से घायल सिपाही प्रांशु सचान की मौत, जाम में फंसी रही एंबुलेंस
फतेहपुर में डंपर की टक्कर से गंभीर रूप से घायल सिपाही प्रांशु सचान की कानपुर में एंबुलेंस में ही मौत हो गई।

भाजपा की रैली के कारण लगे भीषण जाम में एंबुलेंस करीब दो घंटे फंसी रही, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल सका।
HighLights
सिपाही प्रांशु सचान की एंबुलेंस में हुई मौत।
फतेहपुर में डंपर से टक्कर में हुए थे घायल।
भाजपा रैली के कारण जाम में फंसी एंबुलेंस।
जागरण संवाददाता, कानपुर। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल सिपाही प्रांशु सचान की जिंदगी एंबुलेंस में ही दम तोड़ गई। फतेहपुर में डंपर की टक्कर से घायल प्रांशु को लेकर एंबुलेंस करीब दो घंटे तक जाम में फंसी रही। आरोप है कि भाजपा की लोकतंत्र बचाओ रैली के चलते शहर में जगह-जगह भीषण जाम लगा था।
टाटमिल चौराहे पर करीब एक घंटे तक एंबुलेंस फंसी रही। इस दौरान घायल बेटे को बचाने के लिए पिता कभी भीड़ के सामने हाथ जोड़ते तो कभी यातायात पुलिसकर्मियों से रास्ता दिलाने की गुहार लगाते रहे। पुलिसकर्मियों ने भी एंबुलेंस निकलवाने का प्रयास किया, लेकिन वाहनों की लंबी कतारों के आगे सारी कोशिशें नाकाम रहीं। आखिरकार एलएलआर अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रांशु की सांसें थम गईं। अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने सिपाही को मृत घोषित कर दिया।
घाटमपुर थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव निवासी प्रमोद सचान किसान हैं। परिवार में पत्नी विभा सचान, 22 वर्षीय बेटा प्रांशु था। प्रांशु वर्ष 2025 बैच का सिपाही था और वर्तमान में अंबेडकरनगर जिले की डांडा कोतवाली में तैनात था। पिता ने बताया कि मंगलवार को प्रांशु अंबेडकरनगर से कानपुर देहात, कानपुर नगर, फतेहपुर और रायबरेली में सम्मन तामील कराने निकला था। उसने रसूलाबाद और बिधनू में सम्मन तामील कराया। इसके बाद उसे फतेहपुर जाना था। रास्ते में पिता मिल गए तो वह उन्हें भी बाइक पर बैठाकर फतेहपुर के लिए रवाना हो गया।
पिता के मुताबिक, फतेहपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में बक्सर मोड़ के पास पीछे से आए तेज रफ्तार डंपर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही पिता-पुत्र उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे। बाइक पर पीछे बैठा प्रांशु डंपर के पहिये के नीचे आकर गंभीर रूप से कुचल गया, जबकि पिता को मामूली चोटें आईं। हादसे के बाद चालक डंपर लेकर भाग निकला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची यूपी-112 और कल्याणपुर थाने की पुलिस दोनों घायलों को सीएचसी ले गई। वहां से गंभीर हालत में प्रांशु को एलएलआर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पिता प्रमोद सचान बेटे के साथ एंबुलेंस से आ रहे थे प्रांशु के शरीर से लगातार खून बह रहा था। पिता कभी हाथों से खून रोकने की कोशिश करते तो कभी गमछा बांधकर रक्तस्राव थामने का प्रयास करते। लेकिन टाटमिल चौराहे पर एंबुलेंस जाम में फंस गई। पिता के मुताबिक, करीब एक घंटे तक एंबुलेंस वहीं फंसी रही। बेटे की हालत बिगड़ती देख वह बार-बार नीचे उतरकर लोगों से रास्ता देने की विनती करते रहे।
यातायात पुलिसकर्मी भी रास्ता खुलवाने में जुटे रहे, लेकिन एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी। किसी तरह एंबुलेंस एलएलआर अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डाक्टरों ने प्रांशु को मृत घोषित कर दिया। डाक्टरों की बात सुनते ही पिता बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़े और फूट-फूटकर रोने लगे। उनका दर्द था कि बेटा एंबुलेंस में तड़पता रहा और वह चाहकर भी उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा सके।
परिवार के अन्य सदस्य भी अस्पताल पहुंच गए। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। गुरुवार दोपहर प्रांशु के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद स्वजन शव को मोतीपुर गांव ले गए गांव में विभाग की ओर से सिपाही को अंतिम सलामी दी जाएगी।
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