कानपुर में ₹2.67 करोड़ की आईटीसी चोरी मामले का तीसरा आरोपी चढ़ा क्राइम ब्रांच के हत्थे, गिरोह का सरगना अभी भी फरार
कानपुर में 2.67 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) चोरी के मामले में तीसरे आरोपी दीपक जायसवाल उर्फ मोगली ...और पढ़ें
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आरोपित दीपक कुमार उर्फ मोगली

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जागरण संवाददाता, कानपुर। बोगस फर्म, फर्जी इनवाइस व ई-वे बिल बनाकर 2.67 करोड़ की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) चोरी करने वाले गिरोह के तीसरे आरोपित को क्राइम ब्रांच ने गुरुवार देर रात सीओडी पुल के पास से गिरफ्तार किया।
वह छठवीं तक पढ़ा है। गिरोह का सरगना राकेश साहू अभी फरार है। गिरोह वर्ष 2019 से आईटीसी चोरी कर रहा है।
राज्यकर अधिकारी खंड-4 रविप्रकाश ने मेहरबान सिंह का पुरवा स्थित अपूर्वा ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ तीन जुलाई 2025 को कल्याणपुर थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी की धाराओं में मुकदमा कराया था।
आरोप था कि कंपनी के नाम से छत्तीसगढ़ की राव एग्रो इंडस्ट्रीज और जगदेव इंडस्ट्रीज में फर्जी इनवाइस व ई-वे बिल बनाकर माल की सप्लाई दिखाई गई थी। इसी तरह से महाराष्ट्र की नदा ट्रेडर्स में भी खरीद-बिक्री दिखाई गई, जिससे 2.67 करोड़ की आईटीसी चोरी की गई थी।
जांच में जिस जगह पर अपूर्वा ट्रेडिंग कंपनी का पता था, वहां कोई फर्म नहीं मिली। क्राइम ब्रांच ने बीती सात फरवरी को बर्रा एक आदर्श नगर निवासी कमल गौरव साहू और मसवानपुर सहकार नगर निवासी एहतेशाम हुसैन को गिरफ्तार किया था।
गुरुवार रात तीसरे आरोपित बर्रा के हेमंत विहार निवासी दीपक जायसवाल उर्फ मोगली को भी पकड़ लिया गया। उसके पास से एक मोबाइल फोन, दो सिमकार्ड, आधार, पैन की प्रति समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। उसने बताया कि उसके मूल दस्तावेजों के जरिए बोगस फर्म अपूर्वा ट्रेडिंग खोलने के बाद खाता खोला था। सिर्फ कागजों में माल की खरीद-फरोख्त दर्शाकर फर्जी इनवाइस व ई-वे बिल तैयार किए जाते थे।
