मांग में सिंदूर और पैरों में बिछिया, कानपुर में 6 महीने की प्रेग्नेंट अविवाहित युवती का मिला शव
कानपुर के पतारा में एक बगीचे में छह माह की गर्भवती अविवाहित युवती रेनू का शव मिला, जिसके मुंह से झाग निकल रहा था।

कानपुर में बगीचे में मिला युवती का शव।

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जागरण संवाददाता, कानपुर। कोतवाली क्षेत्र के पतारा में एक बगीचे पर गुरुवार सुबह छह माह की गर्भवती युवती का शव पड़ा मिला। उसके मुंह से झाग निकल रहा था। अविवाहित होने के बाद भी उसकी मांग भरी थी, पैरों में बिछियां थीं और बिंदी लगी हुई थी। सूचना पाकर पुलिस पहुंची।
फोरेंसिक टीम और डाग स्क्वॉड ने भी पहुंचकर जांच-पड़ताल की। स्वजन का कहना है कि उसका प्रेम-प्रसंग चल रहा था और प्रेमी शादी को तैयार नहीं था। गांव वालों ने प्रेमी पर हत्या करके शव फेंकने का आरोप लगाया है। बताया कि युवती एक माह से घर पर नहीं थी।
पतारा कस्बा निवासी राजेंद्र सोनकर राजमिस्त्री हैं। उनके सात बच्चों में दूसरे नंबर की 25 साल के रेनू का शव गुरुवार को पतारा में ही तिलसड़ा रोड पर शराब ठेका से 500 मीटर दूर बगीचे में पड़ा मिला। सूचना पाकर पुलिस पहुंची तो पता चला कि पेड़ के नीचे युवती का दुपट्टा बिछा हुआ था और उसके ऊपर शव रखा हुआ था। मुंह से झाग निकला था। चोट के निशान नहीं मिले।
पास ही किसी छोटी कार या ई-रिक्शा के टायरों के निशान थे। टायर के निशान देखकर ऐसा लगता है कि वाहन वहीं से वापस मुड़ा है। फोरेंसिक टीम और डाग स्क्वॉड भी पहुंचा। डाग स्क्वॉड घटनास्थल से होकर केवड़िया रोड पर करीब एक किलोमीटर तक गया। आशंका है कि शव को बाहर से लाकर यहां फेंका गया है।
गर्भवती थी रेनू, प्रेमी शादी करने से मना कर रहा था
रेनू सात भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी। घर पर मां सुमन, बड़ा भाई शैलेंद्र, छोटे भाई विष्णु, सतीश, सचिन और बहनें सीता, हेमा हैं। रेनू ने बीएससी तक की पढ़ाई की थी। मां सुमन ने बताया कि रेनू करीब तीन साल पहले गुड़गांव मेट्रो में काम करने गई थी।
एक साल बाद वह लौट आई और कानपुर में नौकरी करने लगी थी। यहां पर उसका एक लड़के से प्रेम प्रसंग था। चकेरी भाउखेड़ा में वह लड़का रहता था। मां का कहना है कि रेनू छह माह की गर्भवती थी। शादी की बात पर उसका प्रेमी आनाकानी करता था। कहता था कि उसके माता-पिता नहीं है। अपने भाइयों से पूछने के बाद ही वह विवाह करेगा।
पैरों पर बिछिया, लिप्स्टिक से भरी मांग
शव देखने के बाद ऐसा लगता था कि पेड़ के नीचे पहले दुपट्टा बिछाया गया, इसके बाद शव रखा गया। फिर उसको बिंदी लगाई गई। मांग भरने के लिए सिंदूर की जगह लिप्स्टिक का इस्तेमाल किया गया। पैर में बिछिया भी पहनाई गई। ऐसा लगता है कि सब जल्दबाजी में किया गया। इसके अलावा उसके पास से मोबाइल व अन्य कोई सामान नहीं बरामद हुआ है।
11 जुलाई को घर से निकली थी
मां सुमन, बहन हेमा और भाई सतीश का कहना है कि रेनू अपने प्रेमी के यहां आती-जाती रहती थी। बीती 11 जुलाई को वह घर से चली गई थी। फोन करने बताया था कि कानपुर के रामादेवी के पास किसी जगह है। इसके बाद उसने फोन नहीं उठाया। गुरुवार सुबह सूचना मिली की उसका शव बगीचे में पड़ा है।
स्वजन को भी नहीं बहुत सवालों के जवाब
स्वजन रेनू के संबंध में कोई स्पष्ट सूचना नहीं दे पा रहे हैं। उसका प्रेमी कहां का रहने वाला था? उसका नाम क्या था और क्या काम क्या करता था? वह उसके साथ कहां रहती थी? बीते एक माह से वह उसके साथ थी या और किसी और के साथ थी? आदि सवालों के जवाब पुलिस को नहीं मिले हैं।
आशंका है कि रेनू के एक से ज्यादा प्रेमी भी हो सकते हैं। ट्रू कॉलर एप पर रेनू नाम के आगे दूसरी जाति लिखकर आ रही है। पुलिस के मुताबिक जांच की जा रही है।
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बच्चे को प्रिजर्व किया गया, स्लाइड भी बनाई गई
युवती का पोस्टमार्टम पैनल के जरिए किया गया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी की गई। पोस्टमार्टम के दौरान गर्भ में छह माह का बच्चे का भी पता चला। हालांकि बच्चा किसका है, इसकी डीएनए जांच के लिए उसे प्रिजर्व किया गया है।
डीएनए जांच के बाद उसके पिता का पता लगाया जाएगा। इसके साथ ही मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि जहरीला पदार्थ खाने की आशंका है। विसरा प्रिजर्व किया गया है। जहर की प्रकृति क्या है? इसकी भी जांच की जाएगी।
घटना को लेकर सीसीटीवी फुटेज तलाशे जा रहे हैं। इसके साथ ही बीटीएस (बेस ट्रांससीवर स्टेशन) उठवाया गया है। सीडीआर निकाली जा रही है। स्वजन अभी नहीं बता पा रहे हैं कि रेनू कानपुर में कहां रहती थी और बीते एक महीने से कहां थी।
- कृष्णकांत यादव, एसीपी
