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उत्तर प्रदेश की पूजा और विनीता ने ड्यूटी के साथ-साथ निभाया फर्ज, ट्रेनों में कराई महिलाओं की डिलीवरी

Published: Wed, 14 Oct 2026 11:25 AM (IST)

रेलवे सुरक्षा बल की महिला सिपाही पूजा गुप्ता और विनीता ने 'ऑपरेशन मातृशक्ति' के तहत ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों पर प्रसव ...और पढ़ें

पूजा और विनीता ने ड्यूटी के साथ-साथ निभाया फर्ज।

पूजा और विनीता ने ड्यूटी के साथ-साथ निभाया फर्ज।

HighLights

  1. RPF महिला सिपाहियों ने 'ऑपरेशन मातृशक्ति' में मदद की।

  2. ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों पर प्रसव पीड़ा में सहायता की।

  3. सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कर मां-नवजात की देखभाल की।

जागरण संवाददाता, कानपुर। वर्दी पहनकर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली महिला सिपाहियों के भीतर संवेदना भी कूट-कूटकर भरी है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की महिला सिपाही पूजा गुप्ता और विनीता ने आपरेशन मातृशक्ति के तहत कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश किया।

ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों पर प्रसव पीड़ा से जूझती महिलाओं की मदद करने से लेकर नवजात और प्रसूता की देखभाल तक, दोनों ने अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर मानवीयता का परिचय दिया। प्रसव कराने का विशेष प्रशिक्षण नहीं होने के बावजूद उन्होंने डाक्टरों के साथ प्रसव कराने में अहम भूमिका निभाई।

दो अगस्त को ट्रेन नंबर 15708 के सामान्य कोच में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच अफरातफरी की स्थिति बन सकती थी, लेकिन ऑपरेशन मातृशक्ति में तैनात महिला सिपाही पूजा गुप्ता और विनीता ने बिना देर किए मदद के लिए कदम बढ़ाया।

दोनों ने महिला को संभाला और डॉक्टरों से संपर्क कर आवश्यक सहयोग लिया। चादरों की ओट बनाकर महिला की सुरक्षित प्रसव कराने में मदद की। इसके बाद भी दोनों की जिम्मेदारी खत्म नहीं हुई। मां और नवजात की देखभाल के साथ जरूरी चिकित्सकीय सहायता के लिए समन्वय बनाए रखा।

ड्यूटी के साथ मानवीयता की जिम्मेदार

आपरेशन मातृशक्ति के तहत आरपीएफ की महिला सिपाहियों ने एक दर्जन से अधिक मामलों में ट्रेनों और प्लेटफार्मों पर प्रसव के दौरान महिलाओं की मदद की है। ऐसे समय में जब महिला को तत्काल सहायता, सुरक्षा और भरोसे की जरूरत होती है, ये सिपाही आगे आकर उसका सहारा बनती हैं।

डॉक्टरों से संपर्क करना, प्रसव के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने में मदद करना और प्रसूता व नवजात की देखभाल करना उनकी भूमिका का अहम हिस्सा रहा है। पूजा गुप्ता कानपुर सेंट्रल आरपीएफ पोस्ट पर कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। वह नौबस्ता के संजय गांधी नगर की रहने वाली हैं।

वहीं विनीता एलसीटी के पद पर तैनात हैं और झांसी जिले के सिमरधा गांव की निवासी हैं। दोनों ने अपने कार्य से यह संदेश दिया कि महिला सशक्तीकरण केवल अधिकार और अवसर मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय किसी दूसरी महिला के लिए मजबूती से खड़े होने में भी इसकी सार्थकता है।

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