कानपुर में डेंगू, स्वाइन फ्लू और स्क्रब टायफस के नए मामले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
कानपुर में डेंगू, स्वाइन फ्लू और स्क्रब टायफस के नए मामले सामने आए हैं, जिससे कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ी ...और पढ़ें

HighLights
कानपुर में डेंगू, स्वाइन फ्लू, स्क्रब टायफस के नए मामले सामने।
जनपद में कुल 92 डेंगू, 2 स्वाइन फ्लू, 2 स्क्रब टायफस संक्रमित।
स्वास्थ्य विभाग ने सघन सैंपलिंग और जांच अभियान तेज किया।
जागरण संवाददाता, कानपुर। शहर में डेंगू, स्वाइन फ्लूू के बाद अब स्क्रब टायफस के सामने आ रहे संक्रमितों ने खतरा बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर जारी रिपोर्ट में रविवार को बर्रा तीन की 44 वर्षीय महिला में डेंगू की पुष्टि हुई। स्वाइन फ्लू का एक और संक्रमित सामने आया है। वहीं, स्क्रब टायफस का संक्रमण कृष्णा नगर की 69 वर्षीय महिला में मिला। अब तक जनपद में डेंगू के 92, स्वाइन फ्लू के दो व स्क्रब टायफस के दो संक्रमित मिल चुके हैं।
डिप्टी सीएमओ डा. राजेश्वर सिंह ने बताया कि लगातार हो रही लक्षण युक्त मरीजों की सैंपलिंग में स्वाइन फ्लू व डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। जिन क्षेत्रों में डेंगू व स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो रही है। वहां पर सघन सैंपलिंग व बुखार से ग्रसित मरीजों की जांच कराई जा रही है।
डेंगू व स्वाइन फ्लू के साथ अब स्क्रब टायफस के मामले सामने आ रहे हैं। इसलिए बस्तियों में रहने वालों की जांच के लिए संचारी रोग विभाग की टीम को लगाया गया है। स्क्रब टायफससंक्रमित जिगर्स (लाभा माइट्स) के काटने से फैलने वाली गंभीर बैक्टीरियल बीमारी है। इसका खतरा ग्रामीण क्षेत्रों, झाड़ियों और खेतों में काम करने वाले लोगों में ज्यादा रहता है।
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जिगर्स जब इंसान को काटते हैं, तो ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाता है। इस कारण ही स्क्रब टायफस का संक्रमण होता है। इसके शुरुआती लक्षण काटने के 10 दिनों के भीतर तेज ठंड लगकर बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, और काटने की जगह पर काली पपड़ी बन जाती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह संक्रमण फेफड़ों, लिवर, किडनी और दिमाग तक फैल सकता है।
