कानपुर परेड रामलीला: श्रीराम का बाण लगते ही गिरा रावण, लेजर और आतिशबाजी से जगमगाया आसमान
कानपुर की परेड रामलीला में मंगलवार को रावण वध की लीला का मंचन हुआ, जहां श्रीराम के बाण से रावण ...और पढ़ें

HighLights
रावण वध लीला का मंचन, श्रीराम के बाण से रावण धराशाई।
आतिशबाजी, लाइटिंग और लेजर शो से आसमान में सतरंगी छटा।
परेड रामलीला मैदान में रावण वध देखने उमड़ी भारी भीड़।
जागरण संवाददाता, कानपुर। परेड रामलीला में मंगलवार को रावण वध की लीला का मंचन हुआ। नाभि में श्रीराम का बाण लगते ही रावण के गिरते ही धरती हिल गई। वह युद्ध के समय आंखों से अंगारे बरसा रहा था।
अट्टाहस करने पर मुंह से फूल झर रहे थे।गर्दन चारों तरफ घुमा रहा था। एक-एक कर उसके दस शीश उड़ाए गए। आतिशबाजी से आसमान में सतरंगी छटा छा गई। लाइटिंग शो, लेजर और आतिशबाजी ने ऐसी छटा बिखेरी कि लोग आसमान में टकटकी लगाए रहे।
रामलीला भवन मेस्टन रोड से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाली गई। जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत कर पुष्प बरसाए गए। शाम 7:30 से ही लोग परेड रामलीला मैदान पहुंचने लगे थे। रात 8:30 बजे तक रावण वध और पुतला दहन देखने के लिए परेड में भारी भीड़ जुटी। जहां तक नजर जा रही थी बच्चे, बूढ़े, नौजवान, महिलाएं ही दिख रही थीं। जिसे जहां जगह मिल रही थी, वहीं जमा जा रहा था।
अट्टाहस करने लगता रावण
कभी-कभी थोड़ी धक्कामुक्की के बीच भी लोग डटे थे। पिता अपने बच्चों को कंधों पर बैठाए थे। जिसे देखो वही यह पल अपने मोबाइल में कैद कर रहा था। कोई सेल्फी खींच रहा था तो कोई अपनों के साथ फोटो खिंचा रहा था। रामलीला में दिखाया गया कि प्रभु श्रीराम बार-बार रावण के सिर काटते हैं, लेकिन जुड़ जाते हैं। इस पर रावण अट्टाहस करने लगता है।
विभीषण ने प्रभु श्रीराम को बताया कि रावण की नाभिकुंड में अमृत का वास है। रावण उसी के बल पर जीता है। यह सुनते ही श्रीराम ने विकराल बाण लिए और रावण की ओर चला दिए। नाभि में वाण लगते ही रावण धराशाई हो गया। चारों तरफ प्रभु श्रीराम की जय-जयकार होने लगी। श्री रामलीला कमेटी चंद्रिका देवी में शोभायात्रा निकालने के बाद अहिरावण वध व रावण वध की लीला का मंचन हुआ।
पुतला दहन के बाद आतिशबाजी हुई। शास्त्री नगर स्थित जवाहर पार्क में रावण पुतला दहन के समय लेजर शो और आतिशबाजी हुई। रेलबाजार, श्याम नगर, गोविंद नगर, कल्याणपुर, श्याम नगर, सेक्टर ए गुजैनी, साकेत नगर, बाबूपुरवा, किदवई नगर, श्याम नगर समेत 119 स्थानों पर लंकेश के वध के बाद पुतले जलाए गए।स्वरूप नगर, आजाद नगर, साकेत नगर, गोविंद नगर, कृष्णा नगर, सिविल लाइंस, इंद्रानगर स्थित फ्लैटों में रावण के पुतलों का दहन किया गया।
खिलौनों के लिए मचले बच्चे, चाट के ठेलों पर भीड़
मंगलवार को रामलीला स्थलों पर लगे झूलों पर बच्चे झूलते रहे। झूलने के लिए बच्चों की काफी भीड़ दिख रही थी। उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा था। मां-पिता से खिलौने खरीदने के लिए बच्चे मचलते रहे। हर तरफ भारी शोर-शराबा रहा। सबसे ज्यादा भीड़ चाट के ठेलों पर दिखी। इसके बाद लोगों की पसंद आइसक्रीम थी। महिलाएं गृहस्थी और सौंदर्य सामग्री खरीदती रहीं।
ठेले-ठिलिया पर गरमागरम चाट, जलेबी, चाऊमीन, डोसा, मोमोज और भी बहुत खाद्य सामग्री की बिक्री होती रही। बतासे खाने के लिए लंबे गोले में अपनी बारी का इंतजार करते हुए लोग खड़े नजर आए। हर कोई मस्ती के मूड़ में था। चारों तरफ उल्लास दिख रहा था। शहर भर में 79 जगह मेले लगाए गए।
