कानपुर, जेएनएन। श्रीरामलीला सोसाइटी परेड की ओर से आज विजयदशमी महोत्सव के 145 वें वर्ष का समापन किया जाएगा। अंतिम दिन शरदोत्सव के साथ, श्रीराम उपदेश व सुग्रीव संग कपियों की विदाई की जाएगी। प्रतिवर्ष की तरह सोसाइटी की ओर से कपियों को विदाई देकर रामलीला मंडली को विदा किया जाएगा। इससे पहले सोमवार की रात को भगवान श्रीराम का रामराज्याभिषेक उत्सव धूमधाम से मनाया गया। मेस्टन रोड श्री रामलीला भवन में गुरु वशिष्ठ ने भगवान राम का जैसे ही राज्याभिषेक किया। वातावरण में प्रभु के जयकारें गूंज उठे। पुष्पवर्षा के बीच प्रभु का देवताओं ने अभिनंदन किया। यह मनोहारी दृश्य हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। वहीं, चंद्रिका देवी स्थित रामलीला मैदान में प्रभु के राज्याभिषेक की लीला देखकर श्रद्धालु भावुक हो गए।

सोमवार को मेस्टन रोड श्री रामलीला भवन में व्यास महाराज ने सबसे पहले भगवान श्रीराम का राजतिलक किया गया था। पुष्पवर्षा के बीच प्रभु के राजतिलक का मनोहारी दृश्य श्रद्धालुओं के हृदय में बस गया। इसके बाद श्री रामलीला सोसाइटी परेड के अध्यक्ष महेन्द्र मोहन गुप्त ने भगवान श्रीराम संग लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और वीर हनुमान का तिलक पूजन किया। उन्होंने ठाकुर जी को भोग अर्पित किया। उनके साथ सोसाइटी के पदाधिकारियों ने भगवान की आरती की। मंच पर राज्याभिषेक के बाद विराजमान प्रभु के दर्शन भक्तों ने किए। इस अवसर पर सोसाइटी के संरक्षक राजकुमार लोहिया, प्रधानमंत्री कमल किशोर अग्रवाल, उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल, लाल जी शुक्ला, मुरलीधर बजौरिया आदि उपस्थित रहे। वहीं, श्री रामलीला कमेटी चंद्रिका देवी रोड डिप्टी का पड़ाव में रामराज्याभिषेक का मंचन किया गया। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रभु का राज्याभिषेक कर पूजन किया। प्रभु के राज्याभिषेक का मनोहारी दृश्य देखकर भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। श्रद्धालुओं ने प्रभु के जयकारे लगाकर राज्याभिषेक का आयाेजन मनाया।

Edited By: Shaswat Gupta