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रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर, कानपुर सहित इन स्टेशनों में लिफ्ट-एस्केलेटर में आग लगी तो नहीं मचेगी भगदड़, तुरंत बुझेगी आग

Published: Mon, 31 Aug 2026 06:24 PM (IST)

रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर की सुरक्षा के लिए प्रयागराज मंडल ने एयरोसोल आधारित अग्निशमन प्रणाली स्थापित की है। ...और पढ़ें

एयरोसोल सिस्टम। रेलवे

एयरोसोल सिस्टम। रेलवे

HighLights

  1. प्रयागराज मंडल ने लिफ्ट-एस्केलेटर में अग्निशमन प्रणाली लगाई

  2. एयरोसोल आधारित सिस्टम आग का तुरंत पता लगाएगा

  3. कानपुर सहित 95 उपकरणों में सुरक्षा सुनिश्चित की गई

जागरण संवाददाता, कानपुर। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाली लिफ्ट और एस्केलेटर की सुरक्षा को लेकर प्रयागराज मंडल ने कदम उठाया है। आग की घटना होने पर शुरुआती स्तर पर ही उसका पता लगाने और उसे नियंत्रित करने के लिए एयरोसोल आधारित अग्निसंसूचन एवं अग्निशमन प्रणाली स्थापित की गई है। मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 62 लिफ्ट और 33 एस्केलेटर, यानी कुल 95 उपकरणों में यह प्रणाली लगाई जा चुकी है।

रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर से सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। प्रयागराज मंडल ने लिफ्ट और एस्केलेटर में एयरोसोल आधारित अग्नि संसूचन एवं अग्नि शमन प्रणाली स्थापित कर दी है। आग लगने की स्थिति में यह सिस्टम शुरुआती स्तर पर ही खतरे का पता लगाकर आग पर नियंत्रण करने में मदद करेगा। प्रयागराज के अलावा प्रयागराज छिवकी, कानपुर सेंट्रल, इटावा, अलीगढ़, टूंडला, विंध्याचल जैसे स्टेशनों पर लिफ्ट लगी हुई है।

इसके अलावा फतेहपुर, गोविंदपुरी व पनकीधाम में लिफ्ट लगाए जा रहे हैं। इसी तरह प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल व अलीगढ़ जैसे स्टेशनों पर एस्केलेटर भी लगे हुए हैं। इस प्रणाली में लगे सेंसर लिफ्ट और एस्केलेटर के उपकरणों में अत्यधिक तापमान बढ़ने, धुआं अथवा जलने के शुरुआती संकेतों की पहचान करेंगे। खतरे का संकेत मिलते ही सिस्टम स्वत: सक्रिय होकर एयरोसोल जनरेटर को चालू कर देगा।

इसके बाद एयरोसोल जनरेटर सूक्ष्म ठोस कणों वाले एयरोसोल का उत्सर्जन करेगा। यह आग की रसायनिक श्रृंखला अभिक्रिया को बाधित कर उसे तेजी से नियंत्रित करने और बुझाने में मदद करता है।

पारंपरिक अग्निशमन व्यवस्था की तुलना में एयरोसोल आधारित प्रणाली का लाभ यह भी है कि इसके इस्तेमाल के बाद अवशेष काफी कम मात्रा में बचते हैं, इससे लिफ्ट और एस्केलेटर के उपकरणों की सफाई तथा उन्हें दोबारा संचालन में लाने में सुविधा होगी।
अमित कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, प्रयागराज रेल मंडल